Monday, March 16, 2026
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CM Yogi का बड़ा फैसला, अपराधियों के सड़कों पर पोस्टर लगाए जाएंगे जो छेड़छाड़ और बलात्कार करते हैं

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CM Yogi का बड़ा फैसला, अपराधियों के सड़कों पर पोस्टर लगाए जाएंगे जो छेड़छाड़ और बलात्कार करते हैं

Aawaz India News Desk :- यूपी की योगी सरकार महिला अपराध को लेकर और सख्त हो गई है। इसमें उन लोगों की भागीदारी होगी जो राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध करते हैं। सरकार दुष्कर्मियों और अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन मिसमैडमोर चलाएगी। इसने ऐसे अपराधियों की पोस्टिंग का आदेश दिया है। योगी ने कहा कि महिलाओं के साथ कोई आपराधिक घटना होने पर संबंधित बीट इंचार्ज, चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी और सीओ जिम्मेदार होंगे।

सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह का अपराध करने वाले अपराधियों को केवल महिला पुलिसकर्मियों को ही सजा मिलनी चाहिए। साथ ही ऐसे अपराधियों और दुष्कर्मियों के मददगारों के नाम का खुलासा करने का आदेश दिया।

CM Yogi
file photo CM Yogi

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सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के साथ किसी भी तरह की घटना के अपराधी समाज में जाएं, इसलिए चौराहों पर ऐसे अपराधियों के पोस्टर लगाएं।

पोस्टर हिंसा पर लगाए गए थे

इससे पहले, योगी सरकार ने सीएए को लेकर 19 दिसंबर को लखनऊ में आयोजित एक प्रदर्शन में, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के नाम और पते के साथ तस्वीरें, पोस्टर लगाए थे। एक नोटिस दिया गया था कि अगर इन लोगों ने समय पर जुर्माना नहीं भरा, तो उन्हें संलग्न किया जाएगा।

राज्य सरकार ने बदमाशों को मुआवजा दिलाने की बात कही थी। इसके बाद, पुलिस ने फोटो-वीडियो के आधार पर 150 से अधिक लोगों को नोटिस भेजे। जांच के बाद मिले सबूतों के आधार पर, 57 लोगों को प्रशासन द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया।

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मामला कोर्ट में पहुंचा

मामला पोस्ट करने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की विशेष पीठ ने लखनऊ के डीएम और पुलिस आयुक्त को आदेश दिया कि बिना किसी देरी के सीएए के खिलाफ उपद्रवियों के पोस्टर हटाए जाएं।

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विशेष पीठ ने 14-पृष्ठ के फैसले में राज्य सरकार की कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार (मौलिक अधिकार) के विपरीत करार दिया। अदालत ने कहा कि मौलिक अधिकारों को नहीं छीना जा सकता है। ऐसा कोई कानून नहीं है जो पोस्टर-बैनर लगाकर अभियुक्तों की सार्वजनिक जानकारी को सार्वजनिक करने की अनुमति देता है।

इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई

BIG NEWS : भारतीय पासपोर्ट धारक 16 देशों में बिना वीजा के प्रवेश कर सकते हैं: सरकार

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राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि दुनिया भर में 43 देश हैं, जहां भारतीयों को वहां पहुंचने के साथ ही वीजा दिया जाता है। जबकि 36 देश ऐसे भी हैं जो भारतीय साधारण पासपोर्ट धारकों को ई-वीजा सुविधा प्रदान करते हैं।

भारतीयों के लिए वीजा मुक्त प्रवेश में बारबाडोस, भूटान, डोमिनिका, ग्रेनेडा, हैती, हांगकांग एसएआर, मालदीव, मॉरिशस, मॉन्ट्सेराट, नेपाल, नीयू द्वीप, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, समोआ, सेनेगल, सर्बिया और त्रिनिदाद और टोबैगो शामिल हैं। ।

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मुरलीधरन ने बताया कि श्रीलंका, न्यूजीलैंड और मलेशिया सहित 36 देश हैं जो भारतीय पासपोर्ट धारकों को ई-वीजा सुविधा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भारतीयों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाने के लिए वीजा मुक्त यात्रा, वीजा-ऑन-आगमन और ई-वीजा की सुविधा प्रदान करने वाले देशों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रही है।

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फाइल फोटो भारतीय पासपोर्ट

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विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में जानकारी दी

मंगलवार को विपक्ष ने राज्यसभा में भारतीय नागरिकों को वीजा मुक्त प्रवेश देने वाले देशों से जानकारी मांगी थी।

इस पर, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने एक लिखित जवाब दिया कि वर्तमान में 16 देश अपने देश में भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा मुक्त प्रवेश दे रहे हैं।

इसका मतलब यह है कि भारत का कोई भी नागरिक अपना पासपोर्ट लेकर इन देशों में जा सकता है। इसके लिए उसे वीजा नहीं लेना होगा।

Big News कई बार शिकायत करने के बाद भी खनन विभाग मौन , चरागाह भूमि से बजरी का गोरखधंधा

Big News कई बार शिकायत करने के बाद भी खनन विभाग मौन , चरागाह भूमि से बजरी का गोरखधंधा

बागडोली/बोंली – भले ही सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश हो, लेकिन क्षेत्र में खनन विभाग की मौन स्वीकृति से अवैध बजरी दोहन कर निर्गमन करने का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। अब तो चरागाह भूमि में भी बजरी का अवैध स्टॉक किया जाकर बजरी की कालाबाजारी जोरों पर है। लेकिन राजस्व विभाग ऐसे चुप्पी साधे मौन बैठा हुआ है। जैसे उसे इसकी कोई कानोकान खबर ही नहीं है।

मामला है बागडोली क्षेत्र चारागाह भूमि व बंधावल स्थित वन विभाग भूमि का। भूमाफिया प्रशासनिक मिलीभगत व अनदेखी से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की चरागाह पर कब्जा करके इस कदर धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिससे लगता है कि यह सब गोरखधंधा प्रशासनिक मिलीभगत से मौन स्वीकृति के साथ संभवतया हो रहा है।

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फाइल फोटो

– इस तरह से होती है योजना –

बजरी माफिया बनास नदी से रोजाना बजरी का दोहन कर चरागाह भूमि में लाकर स्टॉक करते है। फिर यहां से इस बजरी को बेचने का मौका देखकर धंधा करते है।
सूचना पर कहीं भी खाली कर देते है

-कोई भी कार्यवाही होने से पहले ही माफियाओं को मिल जाती है जानकारी-

बजरी माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत है कि उन्हें तुरन्त प्रशासन की कार्यवाही की सूचना मिल जाती है, ऐसे में वह कहीं भी बजरी स्टॉक को खाली करके अपना वाहन कही खडा कर देते है। जिससे बीच रास्ते में बजरी खाली कर देने पर कई जगह आवाजाही प्रभावित हो जाती है। बागडोली से बहनोली के रास्ते पर ऐसे बजरी के मुख्य रास्ते पर हो रखे कई ढेर देखे जा

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-शर्मसार करता सिस्टम का रवैय्या-

बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना करने की बजाय प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी की मौन स्वीकृति देखी जा रही है। इन्होंने बजरी खनन रोकने के लिए एक भी निर्गमन रास्ते को बंद नहीं करवाया है और न हीं किसी के विरूद्ध कोईकार्यवाही की है। अगर इसकी राय स्तर पर जांच की जाए तो बड़ा गोरखधंधा सामने आ सकता है। दूध का दूध पानी का पानी हो सकता हैं।

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फाइल फोटो

-नदी पेटे में कोई कार्यवाही नहीं-

बनास नदी पेटे से प्रशासन ने आज तक कोई कार्यवाही नहीं की है, यदि बनास पेटे में जाकर सख्त कार्यवाही की जाए तो अवैध बजरी परिवहन की संभावना ही खत्म हो जाए। लेकिन विभाग आदेशों के तहत नाममात्र की रास्ते में मिलने वाहनों पर कार्यवाही करके चुप्पी साधे मौन बैठा हुआ है।

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-दिखावटी तौर पर भरता है कार्यवाही का दंभ-

प्रशासन कुछ नाम मात्र की कभी कभी कार्यवाही कर इस अवैध गोरखधंधे पर अंकुश लगाने का दंभ भरता है, लेकिन चरागाह भूमि पर होने वाले स्टॉक को जानकारी देने के बाद भी जब्त नहीं करना प्रशासन की मिलीभगत को स्पष्ट करता दिखा है। बजरी माफिया प्रशासनिक मिलीभगत से बेलगाम हुए है। खनन विभाग के अधिकारीयों को 2-3 दिनों तक चरागाह में बजरी स्टॉक किए जाने की सूचना दी जा चुकी है, लेकिन कोई भी कोईकार्यवाही नहीं हुई है। जिससे कहीं न कहीं प्रशासन की इसमें मौन स्वीकृति सामने नजर आती है।

रिपोर्टर – आशाराम मीना- बागड़ोली

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भीनमाल। किसानों का हित चिन्तन सिर्फ BJP सरकारों ने ही किया – गजेंद्र सिंह शेखावत

भीनमाल। किसानों का हित चिन्तन सिर्फ भाजपा BJP सरकारों ने ही किया – गजेंद्र सिंह शेखावत

News Desk:- भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अधिवक्ता सुरेश सोलंकी ने बताया कि भारत सरकार के जल संसाधन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जोधपुर संभाग के सभी प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों को संबोधित किया संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने जय जवान,जय किसान व जय विज्ञान के ध्येय को मोदी सरकार ने धरातल पर उतारा ।

6 रबी की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि का स्वागत किया तथा कहा कि देश के किसानों का सही मायनें में हित चिन्तन सिर्फ और सिर्फ भाजपा की  अटल बिहारी वाजपेयी सरकार एवं नरेन्द्र मोदी सरकारों ने ही किया है। कांग्रेस ने हमेशा किसानों का शोषण होते रहने दिया है,वे बतायें कि उनके 55 साल के राज में समर्थन मूल्य ऊंट के मुंह में जीरे जितना मात्र क्यों बडा था।

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उन्होने कहा हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार किसानों की आय को दुगना करने के प्रयास कर रही जो कांग्रेस को रास नहीं आ रही हे। इससे पहले भी किसानों को सस्ते ब्याज पर ऋण दिलानें के लिये क्रेडिटकार्ड और फसल क्षतिपूर्ती के लिये फसल बीमा की व्यवस्था एवं गांव – गांव तक पक्की सडकों की प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना भी भाजपा की अटलबिहारी वाजपेयी सरकार ने दी थी।

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file Photo BJP

शेखावत ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा से ही किसान हित की सरकार रही है। इस सरकार ने हमेशा किसानों की भलाई के लिए नई नीतियों को लागू करने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के विजन को लेकर ही किसानों के हित में नए कानून बनाये है।

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इनके लागू होने से किसी भी किसान और आढ़ती को कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि अब किसान पूरे देश में कहीं भी फसल को बेच सकेगा। पूरे देश की अनाज मंडियों उसके लिए बाजार होंगी। अहम पहलू यह है कि किसानों को अपना उत्पाद मंडी तक ले जाने की बाध्यता नहीं होगी और इससे एक देश एक बाजार की संकल्पना को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए नए कानून बनाकर वर्षों पुरानी मांग को ही पूरा किया है। अब वन नेशन वन मार्केट की तर्ज पर किसानों को अपनी उपज किसी भी राज्य में ले जाकर बेचने की आजादी होगी। इससे कृषि उपज का बाधा मुक्त अंतर-राज्य व्यापार संभव हो सकेगा। केन्द्र सरकार के इन अध्यादेशों से किसानों की आय में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पहली बार बाजरा व दाल जैसी फसलों को एमएसपी पर खरीदने का निर्णय लिया

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वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए जालोर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव बोरली ने कहा कि कांग्रेस केन्द्र सरकार के कृषि विधेयकों के बारे में अमर्यादित एवं अलोकतांत्रिक शब्दों का प्रयोग कर काला कानून बता रही है, लेकिन हकीकत यह है कि विधेयक देश के किसानों के हित में है, उन्नति के लिए है, जिसे कांग्रेस के नेताओं ने पढ़ा तक नहीं है, बिना पढ़े ही जनता को भ्रमित कर विरोध कर रहे हैं। एक्ट में जो संशोधन किया है, वो इतने वर्षों से व्यापारियों, किसानों, स्वामीनाथन आयोग एवं किसानों के हितों को लेकर लम्बे समय  मांग उठाई गई थी।

उन्होंने कहा कि किसानों की कृषि सुधारों को लेकर लम्बे समय से मांग थी,जिसे मोदी सरकार ने किसानों के हित  ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी निर्णय लेकर पूरी की है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने एवं उन्नति के लिए केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये विधेयकों को लेकर कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देना चाहिए।

केन्द्र सरकार के नये प्रावधानों के मुताबिक किसान अपनी फसल को कहीं भी, कभी भी बेचने के लिए स्वतंत्र है और फसल की कीमत भी खुद ही तय करेगा, पहले व्यापारी तय करता था, इस संकट से किसान को अब मुक्ति मिली है। हमारे यहां मंडी सिस्टम है, मंडी में किसान के ऊपर कितना टैक्स लगता है, यह कोई व्यापारी नहीं भरता है, यह सीधा किसान भरता है।

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जिला मिडिया प्रभारी अधिवक्ता सुरेश सोलंकी ने लोकसभा राज्यसभा में कृषि बिल पास होने पर केंद्र की मोदी सरकार को धन्यवाद दिया है। जोधपुर संभाग मीडिया प्रभारी जगदीश धनादिया ने वर्चुअल रैली में जुड़े सभी पत्रकारों भाजपा के पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। वर्चुअल प्रेस वार्ता में जोधपुर संभाग के सभी जिलाध्यक्ष सभी मीडिया प्रभारी उपस्थित थे।

 

भरत सोनी कि रिपोर्ट

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Modi Governmen किसानों को 2000 रुपये दे रही है, इस तरह से आवेदन करें

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Modi governmen (मोदी सरकार) किसानों को 2000 रुपये दे रही है, इस तरह से आवेदन करें

यह पैसा देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों को दिया जाना है, लेकिन इस योजना के तहत सभी सत्यापन नहीं किए गए हैं।  मोदी सरकार किसानों को वर्तमान संकट से बचाने के लिए वित्तीय मदद दे रही है।

प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के तहत, देश के किसानों को 2 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों को केंद्र सरकार के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पैसा मिलेगा। हम आपको बता रहे हैं कि इससे

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आपको कैसे फायदा हो सकता है …

14.5 करोड़ किसानों को पैसा दिया जाना है

पीएम किसान योजना के तहत किसानों के खाते में 2,000 रुपये स्थानांतरित किए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने में 8.80 करोड़ लोगों को 2-2 हजार रुपये भेजे गए हैं। सभी पैसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। हमारी सहयोगी वेबसाइट zeebiz.com के अनुसार, यह पैसा देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों को दिया जाना है, लेकिन इस योजना के तहत सभी सत्यापन नहीं किए गए हैं। ऐसे में अगर आप भी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो आप इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। हालाँकि, यहाँ आपको कुछ नियमों को भी ध्यान में रखना होगा।

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इस तरह आप आवेदन कर सकते हैं

योजना के तहत, आप घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण (पंजीकरण) कर सकते हैं। यदि आप आवेदन की स्थिति जानना चाहते हैं या उसमें कोई बदलाव करना चाहते हैं, तो आप वह भी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको www.pmkisan.gov.in की वेबसाइट पर जाना होगा।

वेबसाइट के पहले पेज पर दाईं ओर बड़े अक्षरों में किसान कॉर्नर लिखा हुआ है। यदि आप यह देखना चाहते हैं कि आपका नाम सूची में है या नहीं, तो आपको लाभार्थी सूची / लाभार्थी सूची पर क्लिक करना होगा। इसके बाद, आप राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का नाम भरकर अपना नाम चेक कर सकते हैं।

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अगर आपको पैसे नहीं मिलते हैं, तो यहां संपर्क करें

यदि आपने योजना के लिए आवेदन किया है और इसकी स्थिति के बारे में जानना चाहते हैं, तो लाभार्थी की स्थिति पर क्लिक करें। इसके बाद आप आधार नंबर, बैंक खाता नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करके वर्तमान स्थिति जान सकते हैं। आप PM-KISAN के हेल्पलाइन नंबर 011-24300606 पर कॉल करके भी अपने आवेदन की स्थिति जान सकते हैं। इस नंबर पर कॉल करके आप यह भी पता लगा सकते हैं कि आवेदन के बाद भी पैसा क्यों नहीं मिल रहा है।

अपना नाम जांचें

यदि आप सूची में अपना नाम जांचना चाहते हैं, तो आप सबसे पहले वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। यहां होम पेज पर मेन्यू बार देखें और यहां किसान कॉर्नर पर जाएं। इसके बाद, यहां लाभार्थी सूची के लिंक पर क्लिक करें। अब अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का विवरण दर्ज करें। इसे भरने के बाद गेट रिपोर्ट पर क्लिक करें और पूरी सूची प्राप्त करें।

2024 में इंसान फिर से चाँद पर आएगा, US Government ने $ 28 बिलियन की मंजूरी दी

2024 में इंसान फिर से चाँद पर आएगा, US Government ने $ 28 बिलियन की मंजूरी दी

वाशिंगटन: अब इंसानों के कदम फिर से चांद पर पड़ने वाले हैं। नासा ने वर्ष 2024 में चंद्रमा पर मनुष्यों को लॉन्च करने का वादा किया है। इसके लिए, अमेरिकी कांग्रेस ने 28 बिलियन डॉलर की राशि को मंजूरी दी है। इस राशि में से 16 बिलियन डॉलर चंद्रमा पर उतरने वाले विमानों की लैंडिंग पर खर्च किए जाएंगे।

डोनाल्ड ट्रम्प की महत्वाकांक्षी परियोजना है

अमेरिका में 3 नवंबर को चुनाव है। इससे पहले भी, कांग्रेस ने इस परियोजना को मंजूरी देने के प्रयासों को आगे बढ़ाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प) ने कहा कि वह चाँद पर फिर से मनुष्यों के कदमों को देखकर खुश होंगे। 2021 और 2025 के बीच बजट से 28 बिलियन डॉलर की राशि निकाली जाएगी।

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नासा पर राजनीतिक दबाव

नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेनस्टाइन ने फोन पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि नासा पर हमेशा राजनीतिक दबाव रहता है, खासकर चुनाव के समय में, नासा ने पहले चाँद पर जाने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन बराक ओबामा ने अपने राष्ट्रपति शासन के दौरान मिशन को रद्द कर दिया। वहीं, डोनाल्ड ट्रम्प इस मिशन पर कई बिलियन डॉलर खर्च करने को तैयार हैं।

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File Photo Moon

 

अंतरिक्ष यात्री दक्षिण ध्रुव पर जाएंगे

उन्होंने कहा कि भले ही अमेरिकी कांग्रेस क्रिसमस के द्वारा $ 3.2 बिलियन को मंजूरी दे, लेकिन हम अभी भी 2024 में चंद्रमा पर उतरने के मिशन को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर जा रहे हैं। पिछले अपोलो मिशनों की तरह चंद्रमा के उत्तरी ध्रुव पर नहीं।

काम तीन चरणों में पूरा होगा

मानव को चंद्रमा पर भेजने का यह मिशन तीन चरणों में पूरा होगा। दो अंतरिक्ष यात्री चांद पर जाएंगे, जिनमें से एक महिला होगी, चंद्रमा के लिए यात्रा एक अंतरिक्ष यान के बिना ओरियन द्वारा की जाएगी।

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मिशन 2021 से 2042 तक चलेगा

नासा का पहला वाहन Artemis-I (Artemis) नवंबर 2021 में उड़ान भरेगा। इसे SLS रॉकेट के साथ भेजा जाएगा, जो वर्तमान में परीक्षण कर रहा है। यह रॉकेट ओरियन कैप्सूल को भी अपने साथ ले जाएगा। आर्टेमिस II मिशन 2023 में अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर ले जाएगा, लेकिन इसकी सतह पर नहीं उतरेगा। और अंत में आर्टेमिस III चंद्र सतह पर जाएगा, जैसा कि 1969 में अपोलो 11 गया था। आर्टेमिस III लंबे समय तक, लगभग 1 सप्ताह तक चंद्र सतह पर रहेगा। और दो से 5 बार अतिरिक्त गतिविधियों का प्रदर्शन करेंगे।

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अब हमारे पास चंद्रमा के बारे में अधिक जानकारी है

ब्राइडेनस्टीन ने कहा कि वैज्ञानिकों ने बहुत ही असाधारण काम करने की पहल की है। इस बार हम वह काम कर रहे हैं जो पहले कभी नहीं हुआ। अपोलो मिशन के दौरान, हम जानते थे कि चंद्र सतह सूखी है। लेकिन अब हम जानते हैं कि चंद्रमा और बर्फ की सतह पर पानी है, खासकर जहां हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरते हैं।

Paytm ने Google पर लगाया भेदभाव का आरोप, कहा कैशबैक देना जुआ कब से हो गया

Paytm ने Google पर लगाया भेदभाव का आरोप, कहा कैशबैक देना जुआ कब से हो गया

News Desk: Google play store से निकाले जाने के बाद, अब डिजिटल भुगतान ऐप Paytm ने Google को लक्षित किया है। पेटीएम ने गूगल पर भेदभाव का आरोप लगाया है। पेटीएम ने कहा है कि ‘गूगल के नियम अलग हैं जब यह ऐप की बात आती है। जबकि Google स्वयं उसी क्रिकेट थीम पर कैशबैक अभियान चला रहा है।

Tej Shots नाम का यह अभियान अंकों और भाग्यशाली ड्रॉ पर एक लाख रुपये तक का पुरस्कार दे रहा है। लेकिन जब यह ऐप आया, तो Google ने यह कहते हुए Paytm का विरोध किया है कि हम इसके नियमों को तोड़ रहे हैं। इसलिए इसे Google Play स्टोर से हटा दिया गया था।

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क्या मामला था

दरअसल, शुक्रवार को गूगल ने पेटीएम को अपने प्ले स्टोर से कई घंटों के लिए हटा दिया था। हालांकि इसे फिर से बहाल कर दिया गया। Google कहता था कि पेटीएम अपने भुगतान ऐप पर क्रिकेट स्टिकर प्रोमो चला रहा है। यह ड्रीम 11 के फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म की लाइन पर था। ड्रीम 11 आईपीएल का शीर्षक प्रायोजक है। इसे प्लेस्टोर नियमों के विरुद्ध माना जाता था। तभी Google ने Paytm के खिलाफ कार्रवाई की।

Google का कहना है कि कैशबैक और वाउचर ने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, लेकिन पेटीएम फैबिटी गेमिंग की पेशकश करना नियमों का उल्लंघन है। Google ने कहा कि उसने जुआ ऐप का समर्थन नहीं किया और Paytm को अपनी जुआ-संबंधी नीतियों का उल्लंघन करने के लिए हटा दिया गया था।

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पेटीएम के Google पर गंभीर आरोप

कैशबैक की सुविधा को वापस लेने पर पेटीएम ने कहा कि अगर कैशबैक देना एक जुआ है, तो हमें इसके बारे में कुछ नहीं कहना है। यह जुआ है क्योंकि Google अपने Play Store का मालिक है और हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं है। पेटीएम ने आरोप लगाया कि Google Play Store की नीतियां भेदभावपूर्ण हैं, जिसे डिजिटल बाजार में अप्रत्यक्ष रूप से Google पर हावी होने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पेटीएम ने रविवार को एक ब्लॉग पोस्ट में Google पर एक बड़ा आरोप लगाया कि Google भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र पर हावी होना चाहता है।

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पेटीएम ने कहा कि भारत में कानूनी होने के बावजूद, Google ने उसे कैशबैक ऑफर वापस लेने के लिए मजबूर किया। Google पे, Google की भुगतान सेवा सुविधा, जबकि ऐसे ऑफ़र प्रदान करता है। पेटीएम ने कहा कि यह पहला मौका है जब Google ने UPI कैशबैक और स्क्रैच कार्ड अभियान से संबंधित सूचनाएं भेजीं और हमें इस मामले पर अपना मामला पेश करने का मौका भी नहीं दिया गया, जबकि Google पे भी भारत में इसी तरह की पेशकश करता है। चला रहा है

Ram Mandir निर्माण: 70 एकड़ के परिसर से सटी जमीन की मापी पूरी हो गई है, पुलिस विभाग आवंटित किया जाएगा

Ram Mandir निर्माण: 70 एकड़ के परिसर से सटी जमीन की मापी पूरी हो गई है, पुलिस विभाग आवंटित किया जाएगा

रामजन्मभूमि के 70 एकड़ से सटे नजूल की खाली जमीन को नापा गया है। राज्य सरकार द्वारा पुलिस विभाग को लगभग 14 हजार वर्ग फीट जमीन आवंटित की जाएगी। यह जमीन पहले से ही पर्यटन विभाग को आवंटित है। इसके कारण, इसे 7 जनवरी 1993 को अधिग्रहण के दौरान 70 एकड़ के परिसर से बाहर रखा गया था। यह भूमि राम के जन्मस्थान-सीतारासोई के पीछे और 33/11 केवी बिजली उप-स्टेशन के ठीक बगल में स्थित है।

खाली पड़ी इस जमीन के कारण पुलिस विभाग को इसे आवंटित करने के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इस संबंध में, उन्होंने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट वित्त और राजस्व और नजूल प्रभारी जीएल शुक्ला से पूछने पर सीधे तौर पर अनभिज्ञता व्यक्त की। बावजूद इसके सहायक भूलेख अधिकारी भान सिंह के नेतृत्व में सेटलमेंट और नजूल विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर ही मापी पूरी कर ली।

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मालूम हो कि एसपी सिक्योरिटी एंड कंट्रोल रूम और अन्य सुरक्षा संबंधी एजेंसियों के कार्यालय तीन दशकों से रामजन्मभूमि परिसर में स्थित मानस भवन में काम कर रहे थे। राम मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद, मानस भवन को खाली किया जाना है और ध्वस्त किया जाना है।

इसी के चलते पुलिस विभाग ने जमीन आवंटन की मांग की थी। हाल ही में, रामजन्मभूमि की स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक में, एडीजी सुरक्षा वीके सिंह और एडीजी कानून एवं व्यवस्था पीबी साबत के समक्ष एसपी सुरक्षा पंकजकुमार ने इस मुद्दे को प्रस्तुत किया। इसके बाद, सरकार को डीआईजी / एसएसपी दीपक कुमार की ओर से एक पत्र भेजा गया।

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इस पत्र के संदर्भ में, सरकार के निर्देश पर जिला मजिस्ट्रेट अनुजकुमार झा द्वारा एक प्रस्ताव बनाया गया है। इससे पहले, परिसर में स्थित पुलिस चौकी परिसर में पुलिस विभाग के अधिकांश कार्यालयों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा रहा है और आवश्यक कार्य किया जा रहा है।

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कैंपस दुराही कुआं से गोकुल भवन के बीच सीधा होगा

रामजन्मभूमि के 70 एकड़ के परिसर के दौरान, तिवारी बाजार से तेरी बाजार सड़क पर आवासीय क्षेत्र को छोड़कर जिग-जैग भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इस क्षेत्र में माली मंदिर के अलावा, लगभग एक दर्जन घर हैं। सुरक्षा के लिए, इन इमारतों को खाली कर दिया जाएगा और परिसर को परिसर के बाएं हिस्से को शामिल करके चौकोर बना दिया जाएगा। इसके लिए, भवन मालिकों के साथ आपसी बातचीत के माध्यम से अतिरिक्त भूमि खरीदने की योजना बनाई जा रही है।

Big News : 8 राज्यसभा सांसदों को निलंबित कर दिया, उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी खारिज

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Big News : 8 राज्यसभा सांसदों को निलंबित कर दिया, उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी खारिज

न्यूज़ डेस्क :- रविवार को राज्यसभा में कृषि विधेयक पर चर्चा के दौरान हंगामा कर रहे और सदन के वेल में आने वाले संसद के आठ सदस्यों को सभापति वेंकैया नायडू ने शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया। निलंबित किए जाने वाले सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, रिपुन बोरा, नजीर हुसैन, केके रागेश, ए करीम, राजीव सातव और डोला सेन हैं।

इसी समय, स्पीकर ने विपक्षी सांसदों के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उप सभापति ने नियमों को सही नहीं होने का हवाला दिया। विधानसभा अध्यक्ष की इस कार्रवाई के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा।

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सभापति वेंकैया नायडू ने सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान कहा, “रविवार राज्यसभा के लिए बहुत बुरा दिन था। कुछ सदस्य सदन के वेल में आ गए। उपसभापति को दंडित किया गया और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। सांसद ने पेपर फेंका और माइक को तोड़ दिया।

नियम किताब को फेंक दिया गया। ”उन्होंने कहा कि मैं इस घटना से बहुत दुखी हूं। नायडू ने कहा कि सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड के अनुसार, उप सभापति ने बार-बार सदस्यों से अपने स्थानों पर जाने और सदन में हंगामा न करने और अपने संशोधन प्रस्तुत करने के लिए कहा था।

नायडू के अनुसार, उप सभापति ने यह भी कहा कि सदस्य अपने स्थानों पर लौट जाएं और उसके बाद उनके पास एक वोट होगा। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पेश किया गया प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में नहीं है और इसके लिए आवश्यक 14 दिनों के समय का भी पालन नहीं किया गया है।

सभापति ने कहा कि कल हंगामे के दौरान सदस्यों का व्यवहार आपत्तिजनक और असंवेदनशील था। उन्होंने कहा कि कल राज्यसभा के लिए बहुत बुरा दिन था। इस दौरान सदस्यों ने उपसभापति के साथ अभद्र व्यवहार भी किया।

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इस अवधि के दौरान सदन में हंगामा जारी रहा और सरकार ने मौजूदा सत्र के शेष आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित करने के लिए प्रस्ताव पारित किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया।

निलंबित सदस्यों में डेरेक ओ ब्रायन और तृणमूल कांग्रेस के डोला सेन, कांग्रेस के राजीव सातव, सैयद नजीर हुसैन और रिपुन बोरा, AAP के संजय सिंह, CPI-M के केके रागेश और एलाराम करीम शामिल हैं।