Tuesday, March 17, 2026
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Chhattisgarh : खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण में एक और बड़ा कदम : केन्द्र सरकार ने बस्तर (जगदलपुर) में सिंथेटिक फुटबॉल मैदान के लिए स्वीकृत किए 5 करोड़ रूपए

Chhattisgarh : खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण में एक और बड़ा कदम : केन्द्र सरकार ने बस्तर (जगदलपुर) में सिंथेटिक फुटबॉल मैदान के लिए स्वीकृत किए 5 करोड़ रूपए

  • मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर मिली एक और बड़ी उपलब्धि
  • खेलबो-जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)की परिकल्पना तेजी से हो रही साकार

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में खेलों के विकास के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केन्द्र सरकार ने बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में 5 करोड़ की लागत से सिंथेटिक टर्फ फुटबॉल ग्राउण्ड के साथ खिलाड़ियों के लिए रनिंग ट्रेक की स्वीकृति प्रदान की है। जगदलपुर में सिंथेटिक टर्फ फुटबॉल मैदान बन जाने से बस्तर की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

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गौरतलब है कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खेल अधोसंरचनाओं के विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में खेलबो-जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को तेजी से साकार किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय ने खेलो इंडिया योजना के तहत जगदलपुर बस्तर में सिंथेटिक फुटबाल ग्राउण्ड और रनिंग ट्रेक निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया था।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के विशेष प्रयासों से भारत सरकार ने जगदलपुर में 5 करोड़ रुपए के सिंथेटिक फुटबाल टर्फ ग्राउण्ड के साथ खिलाड़ियों के लिए रनिंग ट्रेक के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति 18 दिसंबर 2020 को जारी कर दी है।

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इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं खेल मंत्री श्री उमेश पटेल ने हर्ष व्यक्त करते हुए खेल विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए अधिक से अधिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बस्तर के युवा अब खेलों में अग्रणी होंगे।

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10 दिनों में Licence और वाहन Registration अपडेट करें, 1 जनवरी से, 5000 चालान काटेंगे

  • 10 दिनों में Licenceऔर वाहन Registration अपडेट करें, 1 जनवरी से, 5000 चालान काटेंगे
  • 1 जनवरी से, सभी ड्राइवरों के लिए अद्यतन ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाणपत्र होना चाहिए

न्यूज़ डेस्क: यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र समाप्त हो गया है, तो आपको इसके नवीनीकरण के लिए जल्द ही आवेदन करना होगा क्योंकि कोरोना परिवहन विभाग द्वारा दी गई छूट 31 दिसंबर को समाप्त हो जाएगी। कोविद -19 महामारी को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण और इसके प्रसार, मोटर चालक जिनके ड्राइविंग Licence, पंजीकरण प्रमाण पत्र RC) और फिटनेस प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज मार्च 2020 से समाप्त हो रहे हैं।

वरिष्ठ परिवहन अधिकारियों ने कहा कि अगर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा समय सीमा एक बार फिर से नहीं बढ़ाई जाती है, तो नौ महीने के लिए दी गई छूट 1 जनवरी 2021 को समाप्त हो जाती है।

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संशोधित मोटर व्हीकल एमवी अधिनियम के अनुसार, वैध लाइसेंस के बिना ड्राइविंग करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगता है।

डीएल के नवीकरण के लिए आवेदन करने के लिए, आवेदक parivahan.gov.in पर जा सकते हैं, “ड्राइविंग Licence -संबंधित सेवाओं” पर जाएं और फिर “डीएल सेवाओं” पर जाएं, जिसके बाद किसी को डीएल नंबर लिखना होगा और अन्य विवरण भरना होगा। ।

दस्तावेज़ अपलोड करें और निकटतम आरटीओ में जाने के लिए एक स्लॉट बुक करने के लिए भुगतान करें। आरटीओ में, बायोमेट्रिक विवरण की जांच की जाएगी और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद एक डीएल जारी किया जाएगा। प्रक्रिया आरसी को नवीनीकृत करने के समान है।

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राज्य परिवहन विभाग के साथ रिकॉर्ड से पता चला है कि डीएल-पोस्ट ऑनलाइन आवेदन जमा करने के नवीनीकरण के लिए आरटीओ में नियुक्ति पाने की प्रतीक्षा अवधि दो से 60 दिनों तक थी। केके दहिया, विशेष परिवहन आयुक्त) ने कहा, ‘इस महीने, डीएल और आरसी पाने की भीड़ बढ़ गई है। 13 आरटीओ में से प्रत्येक हर दिन 200 नवीकरण अनुरोधों को संसाधित करने में सक्षम है। इसके अलावा, नए दस्तावेज़ प्राप्त करने की तुलना में नवीनीकरण प्रक्रिया बहुत आसान है। ‘

WhatsApp का नया फीचर आपको कोरोना से बचाएगा! खरीदारी के लिए घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं, जानें कैसे करें इस्तेमाल

WhatsApp का नया फीचर आपको कोरोना से बचाएगा! खरीदारी के लिए घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं, जानें कैसे करें इस्तेमाल

न्यूज़ डेस्क। कोरोना महामारी के दौरान, WhatsApp अपने उपयोगकर्ताओं का विशेष ध्यान रख रहा है। व्हाट्सएप ने हाल ही में अपने उपयोगकर्ताओं को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचाने के लिए कार्ट फीचर शुरू किया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स अब घर बैठे आसानी से अपनी रोजमर्रा की जरूरत के सामान ऑर्डर कर सकेंगे और उन्हें अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

आपको बता दें कि कई बार शॉपिंग मॉल या रिटेल शॉप्स में सोशल डिस्टेंसिंग संभव नहीं है। जिसके कारण कोविद -19 का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में व्हाट्सएप का नया कार्ट फीचर आपको करोना से भी बचाएगा। आइए जानते हैं व्हाट्सएप के नए कार्ट फीचर के बारे में …

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व्हाट्सएप की कार्ट की विशेषता – व्हाट्सएप की ‘कार्ट’ सुविधा ई-कॉमर्स साइट पर ‘Add to Cart’ बटन के समान है। इस फीचर की मदद से यूजर्स एक साथ कई आइटम ऑर्डर कर पाएंगे। व्हाट्सएप के अनुसार, उपयोगकर्ता कार्ट फीचर पर कैटलॉग ब्राउज़ कर पाएंगे और कई उत्पादों का चयन और ऑर्डर भी कर सकते हैं। यह सब एक संदेश के रूप में किया जा सकता है। इससे व्यवसाय के लिए ऑर्डर पूछताछ की जांच करना, ग्राहकों के अनुरोधों का प्रबंधन करना और बिक्री बंद करना आसान हो जाएगा।

WhatsApp कार्ट का उपयोग कैसे करें?

WhatsApp के कार्ट फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले अपना व्हाट्सएप खोलना होगा। इसके बाद, आप जहां खरीदारी करना चाहते हैं, वहां के बिजनेस प्रोफाइल पर जाएं। उसके बाद आपको शॉपिंग बटन के AIN पर टैप करना है। जिसके बाद आप कैटलॉग देख सकते हैं। कैटलॉग खुलने के बाद, आप उत्पाद ब्राउज़ कर सकते हैं। उसके बाद आप अपनी पसंद के प्रोडक्ट पर टैप करें।

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इसके बाद आपको Message Business और Add to Cart नाम के दो विकल्प दिखाई देंगे। यदि आप उत्पाद के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो आप संदेश व्यवसाय विकल्प चुनें और यदि आप इसे खरीदना चाहते हैं, तो Add to Cart विकल्प पर टैप करें।

इसके बाद, व्यू कार्ट विकल्प पर टैप करके, आप उन सभी उत्पादों को देख सकते हैं जिन्हें आपने कार्ट में जोड़ा है। यदि आप इसके बाद अधिक खरीदारी करना चाहते हैं, तो आप Add More विकल्प पर टैप करके कार्ट में कई और उत्पाद जोड़ सकते हैं। इसके बाद, जैसे ही आपका ऑर्डर पूरा होगा, आप अपना ऑर्डर विक्रेता को भेज सकते हैं।

Good News: सोलर पंप लगाने के लिए किसानों को सरकार देगी 3.85 लाख रुपये, पढ़ें पूरी खबर

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Good News: सोलर पंप लगाने के लिए किसानों को सरकार देगी 3.85 लाख रुपये, पढ़ें पूरी खबर

किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई पहल की जा रही हैं। तदनुसार, प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना प्रधानमंत्री कृषि सिन्हा योजना के तहत, उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक को हर क्षेत्र में पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चुना गया है।

यह जानकारी डीएम आशुतोष निरंजन ने दी है। खबर के अनुसार, उन्होंने बताया कि कप्तानगंज में जिले के एकमात्र ब्लॉक को इस प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के 750 मिमी से अधिक मानक वाले ब्लॉक में चुना गया है।

285 किसानों के खेत मुफ्त बोरिंग होंगे

उन्होंने बताया कि इसके तहत 385 मुफ्त बोरिंग का लक्ष्य हासिल किया गया है।

इसमें से 285 स्वतंत्र उबाऊ सामान्य जाति और 100 अनुसूचित जाति / जनजाति के किसानों को लक्षित किया जाता है। हालांकि, इसमें महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, 48 मध्यम गहरी बोरिंग का लक्ष्य भी प्राप्त किया गया है, जिसमें से 40 सामान्य और 8 अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए होंगे।

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प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना का उद्देश्य

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि योजना योजना का उद्देश्य प्रति वर्ष 750 मिमी से अधिक वर्षा वाले ब्लॉकों में भूजल से सिंचाई की क्षमता बढ़ाना है।

बोरिंग के लिए 85 हजार रुपये दिए जाएंगे (बोरिंग के लिए 85 हजार रुपये दिए जाएंगे)

इस योजना में लघु सीमांत किसानों की बोरिंग की जाएगी। इसके लिए बोरिंग के लिए 75 हजार और जल वितरण प्रणाली के लिए दस हजार रुपये दिए जाएंगे। सामान्य श्रेणी के किसानों के नलकूपों को सक्रिय करने के लिए अधिकतम 68 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

सौर पंप के लिए 3.85 लाख रुपये अनुदान (सौर पंप के लिए 3.85 लाख रुपये अनुदान)

उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के किसानों के नलकूपों पर 5 एचपी के सौर ऊर्जा संचालित पंप लगाए जाएंगे। रुपये का अधिकतम अनुदान। इसके लिए 3.85 लाख दिए जाएंगे। इस प्रकार कुल रु। 4.70 लाख रुपये स्वीकार्य होंगे।

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मुफ्त में सोलर पंप कैसे लें? (फ्री में सोलर पंप कैसे मिलेगा?)

सोलर पंप को यूपी नेडा या उनकी ओर से पंजीकृत विक्रेताओं से लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला किसानों को चयन में वरीयता दी जाएगी और चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

अधिक जानकारी के लिए, https://upneda.org.in/Index-hi.aspx पर जाएं।

समाचार साभार- कृषि जागरण

285 किसानों के खेत मुफ्त बोरिंग होंगे

मुफ्त में सोलर पंप कैसे लें? (फ्री में सोलर पंप कैसे मिलेगा?)

अधिक जानकारी के लिए, http://upneda.org.in/Index-hi.aspx पर जाएं।

Chhattisgarh : दो सालों में उद्योगों की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ में 103 एमओयू

Chhattisgarh : दो सालों में उद्योगों की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ में 103 एमओयू 

  • 42 हजार करोड़ का पूंजी निवेश प्रस्तावित
  • 62 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़  (Chhattisgarh) में पिछले दो सालों में 103 एमओयू हुए हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में 42 हजार 155 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए 62 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)की नयी उद्योग नीति और कोरोना-काल में उद्योगों के हित में शासन द्वारा उठाए गए कदमों से राज्य में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हुआ है। कोरोना-संकट काल में पूरा देश आर्थिक मंदी से प्रभावित था, वहीं छत्तीसगढ़ में उद्योग जगत मंदी से अछूता रहा। लॉकडाउन के दौरान देश में सबसे पहले माह अप्रैल में छत्तीसगढ़ के उद्योगों में काम प्रारंभ हुआ। उद्योगों की कठिनाइयों को देखते हुए ही कई तरह की रियायतें और सुविधाएं दी गईं।

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कोर सेक्टर के उद्योगों को विद्युत शुल्क में छूट दी गई। कच्चे माल की आवक बनी रहे, और तैयार माल बाजार तक पहुंचता रहे, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए। दूसरे राज्यों से कच्चा माल आसानी से छत्तीसगढ़ आ सके, इसके लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। स्टील और सीमेंट उद्योग की गतिविधियां चलती रहें, इसके लिए सड़क और भवन निर्माण का काम जारी रखा गया। बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

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नियम शर्तों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। राइस मिलों को ऊर्जा प्रभार में पांच प्रतिशत की छूट दी गई। उद्योगों को बिजली बिलों के भुगतान की अवधि में भी छूट दी गई। लॉकडाउन की अवधि में छत्तीसगढ़ में 27 लाख टन इस्पात का उत्पादन हुआ, जो दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा था। प्रदेश में नयी औद्योगिक नीति का निर्माण किया गया है। यह नयी नीति यहां के उद्योग धंधों के लिए संभावनाओं के नये दरवाजे तो खोल रही है साथ ही एग्रीकल्चर सेक्टर को भी मजबूत प्रदान कर रही है।

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(Chhattisgarh) राज्य सरकार की नयी उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। खनिज आधारित उद्योगों को हर तरह का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के तहत अब इस्पात (स्पंज आयरन एण्ड स्टील) क्षेत्र के मेगा अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज की व्यवस्था की गई है। मेगा निवेशकों के लिए इस पैकेज में अधिकतम 500 करोड़ रुपए तक निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बस्तर संभाग के लिए 1000 करोड़ का निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

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निवेशकों को सिर्फ छूट और सुविधा ही नहीं दी जा रही, बल्कि इस बात का भी खयाल रखा गया है कि वे प्रदेश में आसानी के साथ उद्योग स्थापित कर सकें। इसके लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन के लिए भू-प्रब्याजी में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। भू-भाटक में एक प्रतिशत की कमी की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में 10 एकड़ तक आवंटित भूमि को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के लिए नियम बनाए गए हैं। औद्योगिक भूमि और भवन प्रबंधन नियमों का सरलीकरण किया गया है।

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असामान्य परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में 464 स्टार्टअप शुरु करने में सफलता पाई है। 01 जनवरी 2019 से लेकर अब तक 103 एमओयू किए जा चुके हैं, जिनमें 42 हजार 154 करोड़ रुपए से अधिक का पूंजी निवेश होगा। स्टील सेक्टर में 80 एमओयू हुए हैं, जिसमें 37022.22 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। सीमेंट सेक्टर में एक एमओयू हुआ, जिसमें 2000 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है।

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एथेनॉल सेक्टर में 7 एमओयू हुए, जिनमें 1082.82 करोड़ का पूंजी निवेश होगा। फूड सेक्टर में 5 एमओयू के माध्यम से 283.61 करोड़, फार्मास्युटिकल सेक्टर में 3 एमओयू के माध्यम से 56.41 करोड़ रुपए, डिफेंस सेक्टर में 3 एमओयू के माध्यम से 529.50 करोड़ रुपए तथा अन्य सेक्टरों में 4 एमओयू के माध्यम से 1179.99 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे स्टील सेक्टर में 52,206, सीमेंट सेक्टर में 450, एथेनॉल सेक्टर में 986, फूड सेक्टर में 2,434, फार्मास्युटिकल सेक्टर में 393, डिफेंस सेक्टर में 4494 तथा अन्य सेक्टरों में 1,105 रोजगार के अवसर निर्मित होंगे।

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District Pratapgarh: 01 क्विंटल 50 किलोग्राम प्रतिबन्धित मांस के साथ 07 अभियुक्त गिरफ्तार

District Pratapgarh: 01 क्विंटल 50 किलोग्राम प्रतिबन्धित मांस के साथ 07 अभियुक्त गिरफ्तार

न्यूज़ डेस्क:- पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ श्री अनुराग आर्य के कुशल निर्देशन में जनपद के थाना कंधई से उ0नि0 अनुज यादव मय हमराह द्वारा कल दिनांक 18.12.2020 को समय करीब 21.30 बजे मुखबिर खास की सूचना पर थानाक्षेत्र कंधई के ग्राम राजापुर मुफरीद से गोकशी कर प्रतिबन्धित मांस को बेचने वाले 07 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 01 क्विंटल 50 किलो प्रतिबन्धित मांस, मांस काटने में प्रयुक्त होने वाले 03 अदद चापड़, 03 अदद छूरी, एक तराजू, एक बांट, एक लकड़ी का ठेहा, रस्सी नायलान की व प्रतिबन्धित मांस बिक्री के 550/-रु0 नगद बरामद किया गया। इस संबंध में थाना स्थानीय पर गिरफ्तार सातों अभियुक्तों के विरुद्ध मु0अ0सं0- 571/20 धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम का अभियोग पंजीकृत किया गया है।

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गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-

01. इश्तियाक अहमद पुत्र मुनियाद शाह नि0 राजापुर मुफरीद थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़।
02. मोबीन पुत्र फखरुद्दीन नि0 राजापुर मुफरीद थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़।
03. मुख्तार पुत्र मोबीन नि0 राजापुर मुफरीद थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़।
04. इस्तेखार पुत्र इश्तियाक अहमद नि0 राजापुर मुफरीद थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़।
05. नफीस पुत्र रफीक नि0 राजापुर मुफरीद थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़।
06. नूरजहां पत्नी इश्तियाक नि0 राजापुर मुफरीद थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़।
07. गुलाब नबी पुत्र नौशेर नि0 फतेपुर थाना गोसाईगंज जनपद सुल्तानपुर।

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बरामदगी:- 01 क्विंटल 50 किलो प्रतिबंधित मांस, मांस काटने में प्रयुक्त होने वाले 03 अदद चापड़, 03 अदद छूरी, एक तराजू, एक बांट, एक लकड़ी का ठेहा, रस्सी नायलान की व प्रतिबंधित मांस बिक्री के 550/-रु0 नगद

पंजीकृत अभियोगः- मु0अ0सं0- 571/20 धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम बनाम उक्त सातों अभियुक्तगण।

पुलिस टीम:– उ0नि0 अनुज यादव, उ0नि0 श्री श्याम बिहारी सिंह, उ0नि0 संदीप सिंह, उ0नि0 मनोज कनौजिया व कां0 अश्विनी कुमार, म0कां0 प्रीति तोमर, कां0 विशाल यादव, कां0 आशीष तिवारी, कां0 प्रदीप, कां0 जय प्रकाश थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़।

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ब्यूरो रिपोर्ट-प्रशान्त द्विवेदी

FASTag -केंद्र की बड़ी घोषणा 2 साल में पूरे देश में खत्म हो जाएगी टोल योजना, जानिए सरकार कैसे होगी ठीक

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 FASTag – केंद्र की बड़ी घोषणा  2 साल में पूरे देश में खत्म हो जाएगी टोल योजना (Toll scheme) जानिए सरकार कैसे होगी ठीक

 केंद्र सरकार ने देशभर में वाहनों की मुफ्त आवाजाही के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में भारत को टोल मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) को अंतिम रूप देने का फैसला किया है। गुरुवार को, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में, वाहनों के टोल  आपके लिंक्ड बैंक खाते से काट लिए जाएंगे।

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एसोचैम के साथ बैठक

एसोचैम फाउंडेशन वीक इवेंट में बोलते हुए, नितिन गडकरी ने कहा कि रूसी सरकार की मदद से, हम जल्द ही जीपीएस सिस्टम को अंतिम रूप देंगे, जिसके बाद भारत दो साल में पूरी तरह से टोल मुक्त हो जाएगा। पुराने वाहनों में भी जीपीएस सिस्टम लगा होगा वर्तमान में, देश के सभी वाणिज्यिक वाहन एक ट्रैकिंग प्रणाली से सुसज्जित हैं। साथ ही, सभी पुराने वाहनों में जीपीएस सिस्टम तकनीक लगाने के लिए सरकार तेजी से काम करेगी।

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टोल से आय बढ़कर 1.34 ट्रिलियन हो जाएगी
जीपीएस तकनीक का उपयोग करने के बाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का टोल  राजस्व पांच वर्षों में बढ़कर 1.34 ट्रिलियन हो सकता है। मंत्री ने कहा, “कल सड़क परिवहन और राजमार्ग और अध्यक्ष, एनएचएआई की उपस्थिति में, टोल संग्रह के लिए जीपीएस तकनीक का उपयोग करके एक प्रस्तुति दी गई थी। हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले पांच वर्षों में हमारी टोल आय 1,34,000 करोड़ रुपये होगी

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एक साल पहले फास्टैग अनिवार्य था
देश भर में वाहनों की मुफ्त आवाजाही करने के लिए सरकार यह विशेष कदम उठा रही है। पिछले एक साल में, केंद्र सरकार ने देश के सभी टोल  प्लाजा पर FASTag को अनिवार्य कर दिया है। फास्टैग की अनिवार्यता के बाद, ईंधन की खपत कम हो गई है। इसके अलावा प्रदूषण को भी नियंत्रित किया गया है।

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कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देता है

इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह उपकरणों के उपयोग ने भी कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहित किया है। इसके साथ ही टोल संग्रह में भी पारदर्शिता देखी गई है। पिछले कुछ महीनों में FASTag का उपयोग काफी बढ़ गया है। नवंबर में जारी एनएचएआई के एक बयान के अनुसार, फास्टैग अब तक कुल टोल संग्रह का लगभग तीन-चौथाई योगदान देता है। वहीं, एक साल पहले ores 70 करोड़ की तुलना में 92 करोड़ था।

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मनरेगा (MANREGA) से संपन्नता की कहानी गढ़ते संपत

 मनरेगा (MANREGA) से संपन्नता की कहानी गढ़ते संपत

मेहनतकश लोग सही राह और संसाधनों का संबल पाकर संपन्नता की कहानी गढ़ लेते हैं। समृद्धि की ओर बढ़ता कोरिया जिले के पिपरिया में ऐसा ही परिवार है श्री संपत सिंह का। खरीफ की खेती के बाद परिवार के गुजारे के लिए अकुशल श्रम की कतार में लगने वाले इस परिवार को जब से मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से डबरी के रूप में जल-संचय का साधन मिला है, तब से इनकी खेती का तरीका ही बदल गया है।

PM Narendra Modi का वाराणसी ऑफिस OLX पर बेचने का एड देने के आरोप में 4 गिरफ्तार

मनेन्द्रगढ़ विकासखण्ड के पिपरिया गांव के श्री संपत सिंह के परिवार को अब बारिश के बाद के महीनों में रोजगार की चिंता नहीं है। मनरेगा ((MANREGA))से एक छोटा सा जल-संग्रह का साधन पाकर उनका परिवार आर्थिक उन्नति के रास्ते पर चल पड़ा है। डबरी बनने के बाद उन्होंने धान की दोगुनी उपज ली और अब वे अपनी बाड़ी में आलू के साथ ही टमाटर व मिर्च की खेती कर आमदनी का जरिया बढ़ा रहे हैं।

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श्री संपत सिंह के परिवार में माँ श्रीमती मानकुंवर, पिता श्री बुद्धु सिंह और पत्नी श्रीमती सुनीता सहित चार सदस्य हैं। अपने खेत में डबरी निर्माण के बारे में श्री संपत बताते हैं कि उनके पिता के नाम पर गाँव में कुल आठ एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से चार एकड़ भूमि घर से लगकर है।

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सिंचाई के साधनों के अभाव में पूरी की पूरी जमीन असिंचित थी। गाँव में उनके चाचा और पड़ोस के अन्य किसानों के खेतों में डबरी बनने के बाद से उनकी खेती और जीवन में आये परिवर्तन ने ही उन्हें अपने खेत में डबरी बनाने के लिए प्रेरित किया। ग्राम पंचायत की मदद से मनरेगा से उनके खेत में डबरी बनी है। वे डबरी की बदौलत इस साल रबी फसल के रूप में गेहूँ लगाने की तैयारी में हैं।

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श्री संपत सिंह बताते हैं कि मनरेगा ((MANREGA))के तहत सितम्बर-2019 में उनके पिता श्री बुद्धु सिंह के नाम से खेत में डबरी निर्माण के लिए एक लाख 80 हजार रूपए स्वीकृत हुए थे। इस साल लॉक-डाउन के दौरान डबरी का काम पूरा हुआ। इस काम में मनरेगा मजदूरी के रूप में उनके परिवार को 18 हजार रूपए की मजदूरी प्राप्त हुई।

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श्री संपत सिंह ने इस राशि से बिजली से चलने वाला दो हॉर्सपावर का एक पम्प खरीदा, जिसका उपयोग वे डबरी से सिंचाई में करते हैं। डबरी में मछली पालन के लिए उन्होंने पाँच किलो मछली बीज डाला है। मनरेगा से खुदी यह डबरी श्री संपत सिंह और उनके परिवार की कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के साथ ही सब्जियों की खेती तथा मछली पालन के रूप में कमाई का अतिरिक्त साधन भी मुहैया करा रहा है। मनरेगा से मिला संबल उनके परिवार को संपन्नता की राह दिखा रहा है।

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Income tax (आयकर) निरीक्षक की भर्ती, 44900 रुपये का वेतन शुरू, ग्रेजुएट्स करें अप्लाई

Income tax (आयकर) निरीक्षक की भर्ती, 44900 रुपये का वेतन शुरू, ग्रेजुएट्स करें अप्लाई

न्यूज़ डेस्क:- देश में पहले से ही बेरोजगारों की कमी नहीं है। सबसे बढ़कर, कोरोना महामारी ने इसे जोड़ा है। दुख की बात यह है कि ऐसा तब होता है जब सरकार नौकरियां निकालती है और इन बेरोजगारों को समय पर इसकी जानकारी भी नहीं मिलती है।

इसीलिए हम नई सरकार की भर्ती से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी को उन लोगों तक पहुँचाने की पूरी कोशिश करते हैं जिनके लिए यह सबसे महत्वपूर्ण है।

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अब इस कड़ी में उन लोगों के लिए खुशखबरी है, जो सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, जानकारी के अनुसार, आयकर निरीक्षक के पदों के लिए आवेदन करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। जो उम्मीदवार आयकर में नौकरी करना चाहते हैं, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जाते हैं और नोटिस को अच्छी तरह से पढ़ते हैं और ऑनलाइन आवेदन करते हैं।

विवरण पोस्ट: आयकर विभाग ने आयकर निरीक्षक, कर सहायक और आशुलिपिक ग्रेड II के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

योग्यता: इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की स्थिति के अनुसार स्नातक निर्धारित किए गए हैं।

वेतनमान: 44900 रुपये प्रति माह।

उम्मीदवारों का चयन: इन पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन साक्षात्कार और प्रमाण पत्र के साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा।

आधिकारिक वेबसाइट: www.incometaxbhopal.in

आवेदन कैसे करें: इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और नोटिस पढ़ें और तुरंत आवेदन करें।

आवेदन करने की अंतिम तिथि: 2 फरवरी 2020

आयु सीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है जबकि अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु में छूट के लिए सूचना देखें।

वेतनमान: 44900 रुपये प्रति माह।

आधिकारिक वेबसाइट: www.incometaxbhopal.in

आवेदन करने की अंतिम तिथि: 2 फरवरी 2020

Bhim विधायक सुदर्शन सिंह रावत के अथक प्रयास से भीम विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न चिकित्सालयो में और 12 चिकित्सकों की हुई नियुक्ति।

Bhim विधायक सुदर्शन सिंह रावत के अथक प्रयास से भीम विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न चिकित्सालयो में और 12 चिकित्सकों की हुई नियुक्ति।

  • पिछले 15 बरसों से भाजपा कुशासन में भीम विधानसभा क्षेत्र चिकित्सकों के लिए तरस रहा था
  • ग्राम वासियों को मिलेगी अब और बेहतर चिकित्सा सुविधा
  • विधायक ने जताया माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का आभार

राजसमन्द के के ग्वाल18 दिसंबर 2020 शुक्रवार । भीम विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने भीम विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न चिकित्सालयो में पिछले 15 वर्षों से भाजपा के कुशासन में रिक्त पड़े चिकित्सकों के पद पर चुनाव जीतने के पश्चात ही भरने के लिए सम्मानीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डॉ रघु शर्मा माननीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री से बार-बार गुहार लगाई ताकि ग्राम वासियों को चिकित्सकों के आने से बेहतर चिकित्सा उपलब्ध हो ।

आज इसी का फल है कि भीम विधानसभा क्षेत्र की सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पूरे चिकित्सक की नियुक्ति हो चुकी है। विधायक रावत ने इसके लिए सम्मानीय मुख्यमंत्री और माननीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया ।

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चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राजस्थान सरकार ने कल आदेश निकाल कर 12 चिकित्सकों की नियुक्ति भीम विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छापली, देवगढ़, भीम तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंदवा, बग्गड़,, कुंवाथल, जस्साखेड़ा, दिवेर, बार, बरार मैं कुल 12 चिकित्सकों की नियुक्ति की है ।

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गौरतलब है कि इसके पहले विधायक रावत के अथक प्रयास से पिछले 1 वर्ष में 14 चिकित्सकों की भी नियुक्ति हो चुकी है । इसके अलावा लंबे अरसे से खाली पड़ें एएनएम, नर्स ग्रेड-2, जीएनएम, मेल नर्स प्रथम, वार्ड बॉय प्रसाविका तथा सूचना सहायक आदि 87 पदों पर भी नियुक्ति हुई

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