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CBSE Evaluation 2021: कैसे बनेगी मार्कशीट, जल्द आएगा 12वीं का मार्किंग मानदंड

CBSE Evaluation 2021: कैसे बनेगी मार्कशीट, जल्द आएगा 12वीं का मार्किंग मानदंड

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नतीजों को लेकर सरकार द्वारा गठित 13 सदस्यीय समिति 12वीं के नतीजों को लेकर मूल्यांकन मानदंड सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पेश करेगी.

सीबीएसई मूल्यांकन 2021: सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की मार्कशीट तैयार करने के लिए गठित 13 सदस्यीय कमेटी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट देगी. कमेटी की इस रिपोर्ट में सीबीएसई और आईसीएसई 12वीं परीक्षा के मार्किंग क्राइटेरिया दिए जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले केंद्र, सीबीएसई (CBSE) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) को 12वीं कक्षा के छात्रों के परिणाम घोषित करने के मानदंडों के बारे में सूचित करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। सीबीएसई ने अब स्कूल बेस्ड असेसमेंट और प्रैक्टिकल टेस्ट के मोड में बदलाव को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है। बोर्ड ने अपने संबद्ध स्कूलों को लंबित आंतरिक या व्यावहारिक परीक्षाओं को ऑनलाइन पूरा करने के लिए कहा है।

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कोरोना संक्रमण के खतरों को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई। अब 12वीं के छात्रों के लिए बोर्ड की ओर से मार्किंग पॉलिसी आना बाकी है। बोर्ड अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि सीबीएसई बोर्ड 12वीं के छात्रों को अंक की जगह ग्रेड देने के सुझाव पर विचार कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक कमेटी आज इस मानदंड को सुप्रीम कोर्ट में रखेगी।

सीबीएसई (CBSE) को 12वीं कक्षा के वैकल्पिक मूल्यांकन के लिए बोर्ड को स्कूलों से अलग-अलग सुझाव मिल रहे हैं। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि इस साल छात्रों को अंकों की जगह ग्रेड दिए जाएं. 12वीं के रिजल्ट के लिए कहा जा रहा है कि प्री बोर्ड 10वीं और 11वीं के नंबरों को जोड़कर तैयार किया जा रहा है. अब यह आज पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगा।

बता दें कि सीबीएसई (CBSE) ने 4 जून को मूल्यांकन नीति तय करने के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन किया था। कमेटी को रिपोर्ट तैयार करने के लिए दस दिन का समय दिया गया है। रिजल्ट को लेकर कई तरह के असेसमेंट की चर्चा हो रही है, इसमें एक तरीका यह भी है कि बोर्ड 10वीं के फाइनल मार्क्स और 12वीं के इंटरनल इवैल्यूएशन के आधार पर रिजल्ट तैयार कर सकता है. इसके अलावा सरकार ने पहले ही तय कर लिया था कि यदि छात्र अपने परिणाम से खुश नहीं हैं तो कोरोना के कारण स्थिति बिगड़ने पर वे अंकों में सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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