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बिजली चोरों पर सख्ती: राजधानी में Launch हुई Vigilance App, बिजली चोरों पर रखी जाएगी Online नज़र

बिजली चोरों पर सख्ती: राजधानी में Launch हुई Vigilance App, बिजली चोरों पर रखी जाएगी Online नज़र

राज्य में सरकारी बिजली निगमों में बिजली की चोरी और वीसीआर भरने की निगरानी अब मोबाइल ऐप के जरिए की जाएगी। बिजली चोरी और उच्च भार की सतर्कता जांच रिपोर्ट (वीसीआर) अब मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन भरी जाएगी। ताकि सतर्कता जांच और जुर्माना लगाने के मामले में पारदर्शिता हो।

डिस्कॉम प्रबंधन का दावा है कि मोबाइल ऐप के बाद सतर्कता के संचालन में पारदर्शिता आएगी और बिजली चोरी कम होने से पहनने और आंसू कम होंगे। वर्तमान में विजिलेंस विंग के लिए मोबाइल ऐप जयपुर डिस्कॉम में लागू किया जा रहा है।

इसके बाद जोधपुर डिस्कॉम और अजमेर डिस्कॉम के लिए भी सतर्कता एप बनाया जाएगा। ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने शुक्रवार को मोबाइल का विजिलेंस ऐप लॉन्च किया है। दिनेश कुमार, प्रमुख सचिव और ऊर्जा विभाग के डिस्कॉम अध्यक्ष, एके गुप्ता, जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने बताया कि ऐप विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुसार तैयार किया गया है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए डिस्कॉम ‘सेल्फ बिलिंग एप’ भी तैयार किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में बिजली की खपत में 2.6 प्रतिशत की कमी आई है।

2023 तक चिज्जत को 15 प्रतिशत तक लाने के लिए प्रणाली में सुधार किया जा रहा है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और डिस्कॉम के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि प्रणाली में पारदर्शिता के लिए एक ऐप बनाया गया है। जयपुर डिस्कॉम के एमडी एके गुप्ता ने बताया कि एप से विजिलेंस से जुड़ी जानकारी को रोजाना अपडेट किया जाएगा। DISCOM की IT विंग के अधीक्षण अभियंता एके त्यागी ने ऐप की विशेषताओं और इसकी प्रक्रिया के बारे में बताया।

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इस तरह से विजिलेंस ऐप काम करेगा

जिस जगह पर आप ऐप में बिजली चोरी पकड़ सकते हैं उस जगह के Jio कॉर्डिनेट अपने आप कैप्चर हो जाएंगे। फ़ोटो और वीडियो अपलोड किए जाएंगे। जांच स्थल पर वीसीआर नंबर भी जेनरेट होगा, इसलिए ऑनलाइन वीसीआर भरने के बाद, जांच अधिकारी द्वारा कोई बदलाव या गलती की संभावना नहीं होगी। जुर्माने की राशि भी कम या बढ़ाई नहीं जाएगी।

मौके पर फोटो, पत्रिकाओं और वीडियो अपलोड करके सतर्कता कार्रवाई में पारदर्शिता हासिल की जाएगी। मौके पर, उपभोक्ता के हस्ताक्षर और जांच अधिकारी मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध होंगे। जांच के साथ, उपभोक्ता को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सतर्कता कार्रवाई की जानकारी मिलेगी। जुर्माना राशि की गणना तुरंत की जाएगी।

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