Samsung Mobile Display

चीन को झटका, Samsung Mobile Display फैक्ट्री को भारत में शिफ्ट करेगा

चीन को झटका, Samsung Mobile Display फैक्ट्री को भारत में शिफ्ट करेगा

Tech News: सैमसंग की यह विनिर्माण इकाई 510 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगी। साथ ही, अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्राप्त करना होगा। सैमसंग दुनिया में टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट और प्रसारण में उपयोग किए जाने वाले प्रदर्शन उत्पादों का 70 प्रतिशत से अधिक है। कंपनी इसके लिए 4825 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

मुख्य विशेषताएं:

  • सैमसंग अपनी मोबाइल और आईटी डिस्प्ले यूनिट को चीन से भारत में शिफ्ट करेगा
  • यह इकाई दिल्ली से सटे नोएडा में स्थापित की जाएगी, जिसके लिए वह 4825 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
  • इस विनिर्माण इकाई से 510 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा

स्मार्टफोन (Smartphone) बनाने वाली दक्षिण कोरियाई दिग्गज सैमसंग (Samsung) चीन से भारत में अपनी मोबाइल और आईटी डिस्प्ले यूनिट शिफ्ट करती है। यूनिट की स्थापना दिल्ली से सटे नोएडा में की जाएगी। कंपनी इसके लिए 4825 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह जानकारी दी है।

ये भी देखे: कृषि कानून पर FICCI की एजीएम में PM Modi बोले- बाधाओं को दूर करने से छोटे किसानों को मिलेगा फायदा

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश काउंटर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक में सैमसंग डिस्प्ले नोएडा प्राइवेट लिमिटेड के लिए विशेष उपायों को मंजूरी दी गई। उत्तर प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि यह भारत में सैमसंग की पहली उच्च तकनीक परियोजना है। इसे चीन से यहां शिफ्ट किया जा रहा है। भारत ऐसी इकाई रखने वाला दुनिया का तीसरा देश होगा।

कितने लोगों को मिलेगा रोजगार

यह विनिर्माण इकाई 510 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगी। साथ ही, अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्राप्त करना होगा। सैमसंग दुनिया में टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट और प्रसारण में उपयोग किए जाने वाले प्रदर्शन उत्पादों का 70 प्रतिशत से अधिक है। कंपनी की दक्षिण कोरिया, वियतनाम और चीन में इकाइयां हैं।

ये भी पढ़े: 1 जनवरी 2021 से, आपका Mobile Number 10 के बजाय 11 अंकों का होगा, ऐसा है नया नियम

सैमसंग की नोएडा में एक मोबाइल विनिर्माण इकाई है जिसका उद्घाटन 2018 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। कंपनी ने तब इस इकाई में 4915 करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया था। सैमसंग ने इस बारे में ईटी के सवालों का जवाब नहीं दिया।

कंपनी ने हाल ही में कहा कि वह भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात का केंद्र बनाने के नए उपायों पर विचार कर रही है। सैमसंग के साथ-साथ एप्पल की साझेदार कंपनियों फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन को हाल ही में सरकार द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत मंजूरी दी गई थी।

ये भी पढ़े: राजस्थान में राजनीतिक हलचल: 2 BTP विधायकों ने Gehlot सरकार से समर्थन वापस लिया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *