अमीर गांव

सबसे अमीर गांव, हर आदमी के खाते में एक करोड़ रुपए!

audio
Voiced by Amazon Polly
17 / 100

सबसे अमीर गांव, हर आदमी के खाते में एक करोड़ रुपए!

इस गांव के लोगों की आमदनी लाखों में है और सभी आलीशान घरों में रहते हैं. ग्रामीणों के पास अपनी लग्जरी कारें हैं। हालांकि, अब इस गांव की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है.

गांव का जिक्र आते ही कच्चे मकानों, झोपड़ियों, कच्ची सड़कों आदि के चित्र दिमाग में आ जाते हैं। हालांकि स्थिति बहुत बदल गई है लेकिन अभी भी अधिकांश गांवों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में जब कोई कहता है कि एक ऐसा गांव है जहां लोगों की आमदनी लाखों में है और सभी आलीशान घरों में रहते हैं तो यकीन करना थोड़ा मुश्किल होता है. इतना ही नहीं यह गांव कई बड़े मेट्रो शहरों को भी पीछे छोड़ चुका है।

दरअसल, हम बात कर रहे हैं चीन के जिआंगसु प्रांत में स्थित हुआक्सी गांव की। कुछ समय पहले तक इस गांव को चीन का सबसे अमीर गांव कहा जाता था। इसके पीछे का कारण हुआक्सी गांव में सुविधाओं की प्रचुरता है। इस गांव के सामने बड़े से बड़ा शहर भी फीका पड़ने लगता है। वहीं अगर यहां के लोगों की सैलरी/आय की बात करें तो यह किसी को भी हैरान कर सकता है.

‘डेली मेल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस गांव के 2,000 निवासियों में से प्रत्येक के पास बैंक में एक मिलियन युआन (10 मिलियन रुपये) से अधिक है। यहां हर कोई एक विला में रहता है और एक लग्जरी कार का मालिक है।
हुआक्सी गांव को एक बार ‘समाजवादी अर्थव्यवस्था’ के एक आदर्श उदाहरण के रूप में दर्शाया गया था। गांव अपनी समृद्धि और विलासिता के कारण ‘चीन के सबसे अमीर गांव’ के रूप में जाना जाता था, भले ही इसका ‘विकास मॉडल’ हमेशा विवादों में रहा हो।

सालाना आय 15 लाख रुपये के करीब

इस गांव में रहने वाले लगभग हर व्यक्ति की सालाना आय करीब 15 लाख रुपए थी, जो चीन के एक किसान की औसत आय का करीब 40 गुना है। अपनी आर्थिक शक्ति दिखाने के लिए, गांव ने 2011 में अपने गगनचुंबी इमारत के निर्माण के लिए तीन अरब युआन (33 अरब से अधिक) खर्च किए। यहां बनी 72 मंजिला इमारत को हुआक्सी का हैंगिंग गांव कहा जाता है। इस गांव में दर्जनों गगनचुंबी इमारतें हैं।

वैसे, हुआक्सी एक कृषि प्रधान गांव है। लेकिन यहां के किसानों ने एक ऐसा विचार अपनाया, जिसकी वजह से यह गांव ‘दुनिया के सबसे अमीर गांवों’ में भी गिना जाता था। चीनी मीडिया के अनुसार, जब 60 के दशक में गांव बसा था, तब वह इतना विकसित नहीं था। लेकिन बाद में कम्युनिस्ट पार्टी के नेता वू रेनवाओ ने इस गांव का चेहरा बदल दिया।

यहां के हर किसान ने टुकड़ों के बजाय समूहों में खेती करना शुरू कर दिया। सामूहिक खेती से लोगों को जबरदस्त लाभ मिला। इसके अलावा हुआक्सी गांव ने अपना लोहा और इस्पात उद्योग विकसित किया। 21वीं सदी की शुरुआत तक, हुआक्सी के पास 100 से अधिक कंपनियां थीं, जिनमें लोहा, इस्पात और तंबाकू व्यवसाय में शामिल कंपनियां शामिल थीं।

उद्योग में गिरावट आई

हालांकि, 2008 के बाद, यहां इस्पात उद्योग में गिरावट आई और अधिक उत्पादन एक समस्या बन गया। धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ती गई। पिछले साल जनवरी में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक हुआक्सी गांव पर 465 करोड़ का कर्ज था. 2013 में हुआक्सी के निर्माता वू रेनबाओ की मृत्यु के बाद, उनके बेटे वू जियान ने हुआक्सी समूह के सीईओ के रूप में पदभार संभाला। वू परिवार के अन्य सदस्य भी इस गांव में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। आलोचकों का कहना है कि यह गांव अब ‘एक परिवार द्वारा शासित सामंती दुनिया’ बन गया है।

फिलहाल हुआक्सी विलेज ग्रुप को आर्थिक मदद के लिए सरकारी मदद दी जा रही है, लेकिन यह कब तक चलेगा इस पर संशय बना हुआ है. सामूहिक धन के संदिग्ध कुप्रबंधन और खराब निवेश निर्णयों के बाद गांव दिवालिया होने के कगार पर है।

यह भी पढ़े:- सिर्फ 3 लाख के बजट में यहां मिलेगी Hyundai i20, लोन के साथ गारंटी और वारंटी प्लान

यह भी पढ़े:- Bolero का नया अवतार देगा स्कॉर्पियो को कड़ी टक्कर, दमदार फीचर्स के साथ जल्द होने वाली है लॉन्च

यह भी पढ़े:- Mahindra Thar : पैनोरमिक सनरूफ के साथ भारत की पहली थार

यह भी पढ़िए | भारत में लॉन्च  Jeep Meridian SUV, मिलेंगे कई शानदार फीचर्स

यह भी पढ़े :- जबरदस्त अंदाज में होगी नई Mahindra Scorpio की एंट्री, इसी महीने लॉन्च होगी SUV

यह भी पढ़े:- 32 km/kg तक का शानदार माइलेज देती है ये शानदार CNG कारें, कीमत है 6 लाख रुपए से कम

यह भी पढ़े:- Maruti Alto 800 कार सिर्फ 50000 रुपये में घर ले जाये , जानिए कहां से और कैसे

यह भी पढ़े:- आसान ईएमआई के साथ 1.9 लाख रुपये में Maruti Swift खरीदें, 7 दिन की मनी बैक गारंटी

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए –
आवाज़ इंडिया न्यूज़ के समाचार ग्रुप Whatsapp से जुड़े
आवाज़ इंडिया न्यूज़  के समाचार ग्रुप Telegram से जुड़े
आवाज़ इंडिया न्यूज़ के समाचार ग्रुप Instagram से जुड़े
आवाज़ इंडिया न्यूज़ के समाचार ग्रुप Youtube से जुड़े
आवाज़ इंडिया न्यूज़ के समाचार ग्रुप को Twitter पर फॉलो करें
आवाज़ इंडिया न्यूज़ के समाचार ग्रुप Facebook से जुड़े
आवाज़ इंडिया न्यूज़ के समाचार ग्रुप ShareChat पर फॉलो करें
आवाज़ इंडिया न्यूज़ के समाचार ग्रुप Daily Hunt पर फॉलो करें
आवाज़ इंडिया न्यूज़ के समाचार ग्रुप Koo पर फॉलो करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.