Tuesday, March 17, 2026
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Raipur : आपदा पीड़ितों को 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता

Raipur : आपदा पीड़ितों को 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता

छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों को जिला कलेक्टर के माध्यम से आर्थिक अनुदान सहायता स्वीकृत की जाती है। ऐसे ही पांच प्रकरणों में जशपुर जिले में 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

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राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत जशपुर जिले की तहसील पत्थलगांव की श्रीमती मंगरी कुंवर ठाकुर और ग्राम घरजियाबथान के श्री निर्मल कंूजूर की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

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इसी प्रकार से बगीचा तहसील के ग्राम खेडार निवासी श्री डेमना राम तथा ग्राम सरईपाली के श्री सुखराम की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर तथा फरसाबहार तहसील के भेलवा निवासी तरसीसियुश लकड़ा की मृत्यु सर्प दंश से हो गई थी,

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मृतकों के पीड़ित परिजनों को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

Source by pro cg 

शाहरुख खान ने कोरोना से लड़ाई में डोनेट किए 500 Remdesivir इंजेक्शन

शाहरुख खान ने कोरोना से लड़ाई में डोनेट किए 500 Remdesivir इंजेक्शन

शाहरुख खान ने दिल्ली को 500 Remdesivir इंजेक्शन दान किए। उनकी मदद के कारण, दिल्ली को कोरोना से लड़ने में बहुत ताकत मिली। इसके लिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शाहरुख खान को धन्यवाद दिया है।

सुपरस्टार शाहरुखान एक बार फिर से अच्छा प्रदर्शन कर सुर्खियों में आ गए हैं। किंग खान ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, शाहरुख खान ने दिल्ली को 500 रीमेसिव इंजेक्शन दिए। उनकी मदद के कारण, दिल्ली को कोरोना से लड़ने में बहुत ताकत मिली।

इसके लिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शाहरुख खान को धन्यवाद दिया है। सत्येंद्र जैन ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर इस खबर को साझा किया और शाहरुख खान को धन्यवाद दिया।

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एक ट्वीट में, सत्येंद्र जैन ने लिखा, “हम ईमानदारी से शाहरुख और मीर फाउंडेशन का शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने दिल्ली को 500 रेमेडिसविर इंजेक्शन दान किए, ऐसे समय में जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। हम मुश्किल समय में आपकी मदद के लिए धन्यवाद देते हैं।” हुह। ”

स्वास्थ्य मंत्री का यह ट्वीट काफी तेज हो रहा है। इसके साथ ही शाहरुख के फैंस और सभी सोशल मीडिया यूजर्स किंग खान के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं। अगर यूजर्स मसीहा बता रहे हैं, तो कोई उनके प्रशंसक होने पर गर्व महसूस करता है।

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब शाहरुख खान ने देश में मुश्किल समय में अपने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है, बल्कि अक्सर शाहरुख खान चैरिटी का काम करते रहते हैं।

इससे पहले शाहरुख कोरोना संकट के बीच बड़े पैमाने पर मदद कर चुके हैं। जब महाराष्ट्र में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे थे, उस समय, शाहरुख ने अपने मुंबई कार्यालय को एक संगरोध केंद्र बनाने की अपील की थी।

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इसके अलावा, शाहरुख द्वारा 25 हजार पीपीई किट भी दान किए गए हैं। उस समय, शाहरुख को सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा धन्यवाद दिया गया था।

अभिनेता शाहरुख खान ने आगे आकर बड़े पैमाने पर मदद की है। वे हमेशा खुद को कई सामाजिक कार्यों से जोड़े रखते हैं। उनका मीर फाउंडेशन भी इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।

raipur : ’अंधेरे से उजाले की ओर, दिख रहीं विकास की नई भोर’

raipur :  ’अंधेरे से उजाले की ओर, दिख रहीं विकास की नई भोर’

रायपुर, 10 दिसम्बर 2020 ,समय का पहिया अब बहुत आगे बढ़ गया है। शहर अब सिर्फ शहर ही नहीं रहा, स्मार्ट शहर की राह में अपना कदम बढ़ा चुका हैं। चूंकि हमारा छत्तीसगढ़ राज्य किसानों का राज्य है। धान का कटोरा के रूप इस प्रदेश की पहचान पहले से हैं। स्वाभिमानी और परिश्रमी के प्रतीक किसानों की समृद्धि के साथ गांव का स्वरुप भी तेजी से बदल रहा है।

छोटे शहर विस्तृत होकर आकार में फैल रहे हैं और आसपास के गांवों को कालोनियों में तब्दील कर रहे हैं। स्वाभाविक है कि नई कालोनियां छोटे-छोटे शहरों की अपेक्षा वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक अनेक सुविधाओं का स्वप्न लेकर बस रहीं है। इन कालोनियों में नई पीढ़ी है। नई सोच है और नई जरूरतें हैं। नई पीढ़ी की नई सोच और नई जरूरतों को पूरा करने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया द्वारा नगरीय क्षेत्रों को बेहतर बनाने की समग्र कोशिश की जा रही है।

नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य, गरीबों के उन्नयन,स्वच्छता से संबंधित कार्य, शहरी गरीबों के लिए आवास, घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं। यह दो साल में किए गए कार्यों का ही परिणाम है कि नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत योजनाओं और नागरिकों से जुड़ी सेवाओं में उल्लेखनीय कार्य करने पर पूरे देश में शहरी गवर्नेंस इंडेक्स-2020 रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को तीसरा स्थान हासिल किया है।

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नगरीय प्रशासन विभाग में नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय का संचालन प्रारंभ किया हैं। वर्तमान में 14 नगर निगम के 101 वार्डों में वार्ड कार्यालय संचालित है। इन कार्यालयों में 18285 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 16305 का निराकरण भी कर दिया गया है। यहां आम नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ निराकृत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय से घर के पास ही किसी समस्या को दूर करना आसान हो गया है। नागरिकों के लिए टोल फ्री नंबर निदान-1100 भी है। जिसमें फोन कर नगरीय निकायों से संबंधित किसी भी समस्या की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। निदान के माध्यम से एक लाख से अधिक शिकायतों को निराकृत किया गया है। नागरिक के संतुष्ट होने के बाद ही शिकायतों को निराकृत माना जाता है। कार्य नहीं करने पर अधिकारियों पर जुर्माना भी लगाया जाता है।

छोटी-मोटी बीमारी से ग्रसित परिवार, मौसमी बीमारी सहित अन्य कारणों से बीमार होने पर अस्पताल नहीं जा सकने वालों के उपचार के लिए मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में राज्य के 14 नगर निगमों में 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट एंबुलेस के जरिए डाक्टरों की टीम सेवाएं प्रदान कर रही है।

इस योजना से स्लम क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर निःशुल्क में परामर्श, उपचार, दवाइयां तथा खून,पेशाब, शुगर, बीपी विभिन्न प्रकार की जांच भी की जाती है। मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक भी इसी योजना की एक कड़ी है। जिसमें महिलाओं को महिला चिकित्सक और महिला स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से निःशुल्क उपचार उनके ही घरों के आसपास ही मुहैया कराया गया है।

मोबाइल मेडिकल यूनिट गरीब बस्तियों में जाकर महिलाओं का उपचार कर रही है। गरीब परिवारों को किसी बीमारी का पता लगाने जांच में अधिक पैसे खर्च न करना पडे, इसके लिए पीपीपी आधार पर रियायती दरों में पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक्स सुविधा देने डॉ.राधाबाई डायग्नोस्टिक्स सेंटर प्रारंभ किए जा रहे हैं। पहले चरण में रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, भिलाई एवं रायगढ़ में यह सेंटर प्रारंभ होगी।

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शासन की योजनाओं का लाभ नागरिकों को घर बैठे मिल सके इसके लिए मुख्यमंत्री मितान योजना प्रारंभ की जा रही है। इस योजना के माध्यम से सौ से अधिक शासकीय सेवाओं जैसे ड्राइविंग लाइसेंस,जाति प्रमाण पत्र,राशन कार्ड, बिजली बिल,पेंशन, राजस्व, जन्म प्रमाण पत्र,राजस्व अभिलेख आदि की सेवाएं घर पहुंचाई जाएगी। मुख्यमंत्री मितान योजना के माध्यम से 8 से 10 हजार युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

शासन द्वारा पेयजल संकट वाले इलाकों को टैंकर मुक्त शहर बनाने की पहल शुरु की गई है। सभी नगरीय निकायों में गर्मी के दिनों में उत्पन्न होने वाली पेयजल संकट को दूर करने 20 करोड़ की राशि जारी की गई है। 4 नगर निगमों, 43 नगर परिषदों एवं 109 नगर पंचायतों में जलप्रदाय योजना शुरु की गई है। 2023 तक अनेक परियोजनायें भी पूरी हो जाएगी। अब तक 62 शहरी स्थानीय निकायों को टैंकर मुक्त बनाया गया है। रायपुर शहर हेतु अमृत योजना अंतर्गत वृहद पेयजल आवर्धन योजना 212 करोड़ रुपए की तत्काल स्वीकृति दी गई है।

शासन द्वारा मोर जमीन मोर मकान योजना की समीक्षा लगातार की जा रही है और हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस योजना से अभी तक 74365 हितग्राहियों का आवास पूर्ण हो गया है। किफायती आवास योजना-मोर मकान मोर चिन्हारी अंतर्गत 1782.83 करोड़ की लागत से 48326 नवीन आवासों को स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ किया गया है। भूमिहीन व्यक्तियों को भूमि धारण का अधिकार प्रदान करने हेतु अधिनियम लाया गया है।

19 नवंबर 2018 के पूर्व काबिज कब्जा धारकों को भू-स्वामित्व अधिकार प्रदान किया जाएगा। इसमें ऐसे व्यक्ति भी लाभान्वित होंगे जिन्हें पूर्व में पट्टा प्रदान किया गया था परंतु नवीनीकरण प्रावधानों के अभाव में वह भूमि का उपभोग नहीं कर पा रहे थे। इस निर्णय में राज्य के लगभग दो लाख से अधिक शहरी गरीब परिवार सीधे लाभान्वित होंगे तथा उन्हें ‘मोर जमीन मोर मकान‘ योजना में 2.5 लाख तक वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकेगी।

अवैध अनियमित हस्तांतरण भूमि प्रायोजन में परिवर्तन प्रकरण में नियमानुसार भूमि स्वामी अधिकार दिया गया। अतिरिक्त कब्जे की स्थिति में निकाय श्रेणी अनुसार 900 से 1500 वर्गफीट तक नियमतिकरण की सुविधा दी गई है। कालातीत पट्टों का 30 वर्षों हेतु नवीनीकरण की मान्यता दी गई है।

स्थानीय छत्तीसगढ़ी संस्कृति एवं विलुप्त होती हुई स्थानीय परंपरा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समस्त 166 नगरीय निकायों में पौनी-पसारी योजना प्रारंभ की गई है। पौनी पसारी योजना में प्रति इकाई 30 लाख की लागत से, कुल 255 पौनी-पसारी बाजारों का विकास किया जाएगा जिससे इस परंपरा से संबंधित 12240 परिवारों के लिए रोजगार के नवीन अवसरों का सृजन होगा इस योजना में विकसित बाजारों में चबूतरा प्रति दिवस मात्र 10 रुपए के मान से व्यवसाय हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। चलित ठेले व्यावसायिओं को वार्डों के प्रमुख स्थान पर वेंडिंग जोन चिन्हांकित कर व्यवसाय हेतु उचित स्थान दिया जाएगा।

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समस्त तालाबों एवं नदियों में प्रवाहित हो रहे जल के शुद्धीकरण हेत कार्य किए जा रहे हैं। समस्त भू-गर्भ आधारित जल स्त्रोतों को सतही स्त्रोत में परिवर्तित किए जाने का कार्य विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रगति पर है। वी-वायर इंजेक्शन वेल के माध्यम से भू-जल की चार्जिंग हेत परियोजना तैयार की गयी है जिससे न केवल जल स्त्रोत सुदृढ होगें अपितु जल भराव की समस्या भी हल हो सकेगी। इसके साथ ही क्लीन खारुन योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 प्रतियोगिता में भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रदेश के छोटे बड़े अनेक शहरों में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है।

छत्तीसगढ़ में लागू मिशन क्लीन सिटी योजना का पृथकीकरण आधारित सॉलिड वेस्ड मैनेजमेंट मॉडल को ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा बेस्ट प्रैक्टिस निरूपित करते हुए अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया है। इस योजना से प्रदेश में स्व-सहायता समूहों की 9 हजार से अधिक महिला सदस्यों को रोजगार का अवसर मिला वहीं इनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है कि शहरी छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 एवम स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में स्वच्छतम राज्य होने का दर्जा प्राप्त किया है। कोविड 19 के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन के समय में भी इन महिलाओं ने बखूबी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर एक मिसाल कायम किया है।

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इन महिलाओं को अब गोधन न्याय योजना अंतर्गत खाद निर्माण की भी जिम्मेदारी दी गई है। इससे महिलाओं के आय में वृद्धि होगी। इस योजना के तहत एसएलआरएम सेंटर का उन्नयन करते हुए 377 गोधन न्याय सह गोबर खरीदी केंद्र का विकास नगरीय निकायों में किया जा रहा है। साथ ही इन केंद्रों के निकट ही नवीन गौठान बनाए जा रहे हैं । शहरी क्षेत्रों में गोबर विक्रेता के रूप में हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है तथा हर 15 दिवस में इनके भुगतान की व्यवस्था की गई है।

नगरीय प्रशासन विभाग शहर के विकास के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। इंदिरा गाँधी हरित अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में वृक्षारोपण, शहरी बाड़़ी एवं आक्सीजोन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जवाहर जिम योजना के माध्यम से सर्वसुविधायुक्त जिम की स्थापना की पहल की जा रही है। प्रत्येक निकाय के चिन्हित वार्डों में राजीव गाँधी ज्ञानोदय केंद्र स्थापित कर ऑनलाइन रीडिंग जोन तथा पठन पाठन हेतु वाचनालय की सुविधा देने तैयारी की जा रही है।

शहर स्तर पर स्थानीय प्रतिभाओं एवं विभूतियों को सम्मान देने हेतु महात्मा गांधी शहरी सम्मान पुरस्कार जिसमे नगर भूषण अवार्ड, नगर शिक्षक अवार्ड, नगर हितैषी अवार्ड, नगर खिलाड़ी अवार्ड आदि प्रदान किए जाएंगे। शहर के प्रमुख तालाबों में धार्मिक कार्यक्रमों के लिए विसर्जन कुंड का निर्माण तथा घाटों में महिलाओं के लिए चेंजिंग रुम बनाए जाएंगे। नगरीय निकायों को शासन की ओर से प्रदान की जाने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि में वृद्धि की जाएगीं राजधानी में आधुनिक स्तर की सुविधाओं में वृद्धि की जा रही है।

 

IRCTC के शेयर आज से सस्ते, खरीदने का मौका, जानें किस कीमत पर?

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IRCTC के शेयर आज से सस्ते, खरीदने का मौका, जानें किस कीमत पर?

आईआरसीटीसी अभी सरकार के विनिवेश एजेंडे में सबसे ऊपर है। सरकार की योजना ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए आईआरसीटीसी में 20 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने की है। यह ऑफर आज गुरुवार को खुल रहा है।

सरकार ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC), एक रेलवे कंपनी में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। यह ऑफर आज गुरुवार को खुल रहा है। यानी आज से आपको IRCTC के शेयर सस्ते में लेने का मौका मिल सकता है।

इसमें गैर-खुदरा निवेशक यानी बड़े और संस्थागत निवेशक गुरुवार को भाग ले सकते हैं जबकि खुदरा निवेशक यानी छोटे आम ​​निवेशक शुक्रवार को भाग ले सकते हैं। बिक्री के प्रस्ताव के तहत, कम से कम 25 फीसदी शेयर संस्थागत निवेशकों जैसे म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए सुरक्षित हैं।

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दरअसल, IRCTC अभी सरकार के विनिवेश एजेंडे में सबसे ऊपर है। IRCTC पूरी तरह से भारतीय रेलवे के स्वामित्व में है, जिसे पर्यटन, खानपान, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और ट्रेनों में सील बोतल का पानी बेचने का विशेष अधिकार है।

डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPM) के सचिन तुहेन कांत पांडे ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, “आरआरसीटीसी में बिक्री का प्रस्ताव कल गैर-खुदरा निवेशकों के लिए खुल रहा है।” दूसरे दिन यह खुदरा निवेशकों के लिए होगा। सरकार पांच प्रतिशत हरे जूते के विकल्प के साथ इसमें 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। ‘

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इसकी कीमत क्या है

सेल ऑफर के लिए 1,367 रुपये का फ्लोर प्राइस रखा गया है। आईआरसीटीसी के शेयर बुधवार को कारोबार के अंत में 1,618.05 रुपये पर बंद हुए। यह पिछले दिन के बंद भाव से 1.55 फीसदी कम था।

आईआरसीटीसी ने अक्टूबर 2019 में अपना आईपीओ लॉन्च किया। जिसे निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। सरकार ने आईपीओ के माध्यम से लगभग 645 करोड़ रुपये एकत्र किए और 12.60 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची।

सरकार बेच रही है हिस्सेदारी

कंपनी के प्रमोटर, भारत सरकार, इस बिक्री पेशकश के तहत अपने कुल 32 करोड़ शेयर बेचेगी, जिसमें से उसे 4,374 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, कोविद -19 को देखकर इस लक्ष्य को हासिल करना अब असंभव है।

सरकार के पास फिलहाल IRCTC में 87.40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सेबी के दिशानिर्देशों के तहत, सरकार को कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को 75 प्रतिशत तक कम करना होगा।

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न्यूज़ डेस्क :- कृषि कानून पर किसानों के आंदोलन के बीच बुधवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय काउंटर मीटिंग हुई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद और संतोष गंगवार ने बैठक में काउंटर द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार देश में 1 करोड़ डेटा सेंटर खोलेगी। इस योजना का नाम प्रधान मंत्री वाई-फाई एक्सेसरीज इंटरफ़ेस (PM Wi-Fi Access Interface) है।

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इस योजना के तहत, देश में वाई-फाई क्रांति लाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत, सरकार सार्वजनिक डेटा कार्यालय (PDO) खोलेगी, इसके लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। किसी भी मौजूदा स्टोर को डेटा ऑफिस में बदला जा सकता है।

7 दिनों में डेटा ऑफिस, डेटा एग्रीगेटर, ऐप सिस्टम के लिए एक केंद्र खोलने के लिए सरकार द्वारा अनुमति दी जाएगी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस योजना के तहत लक्षद्वीप के द्वीपों से भी फाई कनेक्टिविटी को जोड़ा जाएगा। 1000 दिनों में कोच्चि से लक्षद्वीप के 11 द्वीपों तक कनेक्टिविटी पहुंच जाएगी।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना

इसके साथ ही, संघ ने नई रोजगार योजना के लिए 22,810 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य कॉर्पोरेट को नई नियुक्तियां करने के लिए प्रेरित करना है।

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श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बुधवार को यहां कहा कि ‘स्व-विश्वसनीय भारत रोजगार योजना’ के तहत, सरकार दो साल के लिए कंपनियों और अन्य इकाइयों द्वारा की गई नई नियुक्तियों के लिए कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों की ओर से सेवानिवृत्ति कोष (ईपीएफ) में योगदान करेगी। । उन्होंने कहा कि इस योजना पर 2023 तक 22,810 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे लगभग 58.5 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।

बिजली चोरों पर सख्ती: राजधानी में Launch हुई Vigilance App, बिजली चोरों पर रखी जाएगी Online नज़र

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राज्य में सरकारी बिजली निगमों में बिजली की चोरी और वीसीआर भरने की निगरानी अब मोबाइल ऐप के जरिए की जाएगी। बिजली चोरी और उच्च भार की सतर्कता जांच रिपोर्ट (वीसीआर) अब मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन भरी जाएगी। ताकि सतर्कता जांच और जुर्माना लगाने के मामले में पारदर्शिता हो।

डिस्कॉम प्रबंधन का दावा है कि मोबाइल ऐप के बाद सतर्कता के संचालन में पारदर्शिता आएगी और बिजली चोरी कम होने से पहनने और आंसू कम होंगे। वर्तमान में विजिलेंस विंग के लिए मोबाइल ऐप जयपुर डिस्कॉम में लागू किया जा रहा है।

इसके बाद जोधपुर डिस्कॉम और अजमेर डिस्कॉम के लिए भी सतर्कता एप बनाया जाएगा। ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने शुक्रवार को मोबाइल का विजिलेंस ऐप लॉन्च किया है। दिनेश कुमार, प्रमुख सचिव और ऊर्जा विभाग के डिस्कॉम अध्यक्ष, एके गुप्ता, जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने बताया कि ऐप विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुसार तैयार किया गया है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए डिस्कॉम ‘सेल्फ बिलिंग एप’ भी तैयार किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में बिजली की खपत में 2.6 प्रतिशत की कमी आई है।

2023 तक चिज्जत को 15 प्रतिशत तक लाने के लिए प्रणाली में सुधार किया जा रहा है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और डिस्कॉम के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि प्रणाली में पारदर्शिता के लिए एक ऐप बनाया गया है। जयपुर डिस्कॉम के एमडी एके गुप्ता ने बताया कि एप से विजिलेंस से जुड़ी जानकारी को रोजाना अपडेट किया जाएगा। DISCOM की IT विंग के अधीक्षण अभियंता एके त्यागी ने ऐप की विशेषताओं और इसकी प्रक्रिया के बारे में बताया।

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इस तरह से विजिलेंस ऐप काम करेगा

जिस जगह पर आप ऐप में बिजली चोरी पकड़ सकते हैं उस जगह के Jio कॉर्डिनेट अपने आप कैप्चर हो जाएंगे। फ़ोटो और वीडियो अपलोड किए जाएंगे। जांच स्थल पर वीसीआर नंबर भी जेनरेट होगा, इसलिए ऑनलाइन वीसीआर भरने के बाद, जांच अधिकारी द्वारा कोई बदलाव या गलती की संभावना नहीं होगी। जुर्माने की राशि भी कम या बढ़ाई नहीं जाएगी।

मौके पर फोटो, पत्रिकाओं और वीडियो अपलोड करके सतर्कता कार्रवाई में पारदर्शिता हासिल की जाएगी। मौके पर, उपभोक्ता के हस्ताक्षर और जांच अधिकारी मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध होंगे। जांच के साथ, उपभोक्ता को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सतर्कता कार्रवाई की जानकारी मिलेगी। जुर्माना राशि की गणना तुरंत की जाएगी।

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Raipur : छत्तीसगढ़ी कॉफी हाउस गढ़कलेवा

Raipur : छत्तीसगढ़ी काफी हाउस गढ़कलेवा

रायपुर 9 दिसंबर 2020 इंडियन काफी हाउस की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के हर जिले में नई सरकार द्वारा गढ़कलेवा प्रारंभ किए गए हैं। गढ़कलेवा में न सिर्फ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध हैं बल्कि देवभोग के सभी उत्पादों को रखने की भी तैयारी है। राज्य सरकार द्वारा लगातार इस गढ़कलेवा को प्रोत्साहित करने के कारण यह एक नए ब्रांड के रूप में स्थापित हो गया है। राज्य के विशिष्ट जनों और बाहर से आने वाले अतिथियों को जल्द ही इन केन्द्रों से परंम्परागत व्यंजन परोसे जाएंगे। नई दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में भी छत्तीसगढ़ के परम्परागत व्यंजन परोसे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के लोक कला और संस्कृति को जहां बढ़ावा दिया जा रहा है। गढ़कलेवा को नया लुक देने के लिए हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा इन केन्द्रों को आकर्षक और छत्तीसगढ़ी परम्परा के अनुरूप बांस शिल्प फर्नीचर की नई श्रंृखला जारी की गई है।

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छत्तीसगढ़ की पारंपरिक परिवेश और साज सज्जा से जिलों में प्रांरभ हो रहे इन केन्द्रों का आकर्षण और भी बढ़ गया है। रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में छत्तीसगढ़ी खानपान एवं व्यंजन विक्रय केन्द्र संचालित है। यह रायपुर शहर के अन्य खान-पान केन्द्रों से प्रतिस्पर्धा करते हुए, गुणवत्ता और मानकों पर खरा उतरा है, जिससे पारंपरिक और स्वास्थ्यकर, स्वादिष्ट खान-पान को बल मिला है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खान-पान की विशिष्ट और दुर्लभ परंपराए हैं, जो हर प्रहर, बेला, मौसम और तीज त्यौहार के अनुकूल सामने आती है। वनवासी-जनजातीय समाज का कलेवा मुख्यतः प्राकृतिक वनोपज पर आधारित है, तो जनपदीय संस्कृति के वाहकों के कलेवा में रोचक रसपूर्ण विविधता है।

मांगलिक और गैरमांगलिक दोनों प्रसंग के व्यंजनों की अपार श्रृंखला है। ये व्यंजन भुने हुए, भाप से पकाये, तेल में तले और ये तीनों के बगैर भी तैयार होते हैं। छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख पकवानों में चीला, बेसन चीला, गुरहा चीला, फरा, मुठिया,  धुसका, चंाउर रोटी, चंाउर पातर रोटी, खुपुर्री रोटी, बफौरी, चंवसेला, बरा, पताल चटनी, देहरउरी, अईरसा, दुधफरा, पकवा, ठेठरी, खुरमी, बिड़िया, पिड़िया, पपची, पूरन लाडू, करी लाडू, बुंदी लाड़ू, मुर्रा लाड़ू, लाई लाड़ू शामिल है।

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राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ी खान-पान एवं व्यंजन विक्रय केन्द्र गढ़कलेवा छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया और इसके अतर्गत स्थानीय महिला स्वसहायता समूहों को प्रशिक्षित कर तथा गढ़कलेवा के लिए स्थल, शेड़  आदि तैयार कर संचालन हेतु दिया जाएगा।

जिससे समूह के गरीब परिवारों को जीवन यापन के  लिए स्वरोजगार प्राप्त हो सके और आत्म निर्भर बन सकंे। भारत सरकार की योजना ‘एक भारत  श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय काईट फेस्टिवल 06 से 14 जनवरी 2019 में गुजरात के अहमदाबाद में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं छत्तीसगढ़ व्यंजन स्टाल लगाया गया था।

नया Smartphone खरीदने से पहले इन बातों का ध्यान रखें, वरना होगा नुकसान

नया Smartphone खरीदने से पहले इन बातों का ध्यान रखें, वरना होगा नुकसान

टेक डेस्क। अगर आप नया Smartphone खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए कुछ बातों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर आप इन चीजों को नजरअंदाज करते हैं और स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो आपको नुकसान हो सकता है।

हर दिन नए डिवाइस स्मार्टफोन (Smartphone) बाजार में दस्तक दे रहे हैं और यहां स्मार्टफोन की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन स्मार्टफोन का चयन करना बहुत मुश्किल हो जाता है। क्योंकि बाजार में आने वाला हर स्मार्टफोन एक मामले या दूसरे में सबसे अच्छा है।

लेकिन नया स्मार्टफोन खरीदने से पहले आपको भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। अगर आप कुछ बातों को ध्यान में रखते हैं तो नया स्मार्टफोन खरीदते समय आप बिल्कुल भी निराश नहीं होंगे। यहां हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं जो नया स्मार्टफोन खरीदते समय आपके काम आएगा।

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बजट तय करें

नया स्मार्टफोन खरीदने से पहले आप सबसे पहले अपना बजट तय करें कि आप किस कीमत में स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं। क्योंकि बाजार में आपको हर बजट में कम कीमत से लेकर प्रीमियम रेंज तक के स्मार्टफोन मिल जाएंगे। यदि आप पहले से ही बजट तय करते हैं, तो आपके लिए उसी रेंज में स्मार्टफोन चुनना आसान हो जाएगा।

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ऑपरेटिंग सिस्टम खास है

अगर आप नया स्मार्टफोन खरीद रहे हैं, तो ध्यान देना न भूलें कि इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम भी नवीनतम है। भारत में एंड्रॉइड स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए बाजार काफी बड़ा है। ऐसी स्थिति में, यदि आप एंड्रॉइड स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह कम से कम एंड्रॉइड 9 ओएस पर आधारित होना चाहिए। इसके अलावा, यह जांचना न भूलें कि इसे नए ओएस का अपडेट मिलेगा।

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प्रोसेसर एक स्मार्टफोन का जीवन है

किसी भी स्मार्टफोन में प्रोसेसर सबसे महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इस पर फोन का प्रदर्शन और कार्यक्षमता निर्भर करती है। अगर आप गेमिंग के लिए फोन खरीद रहे हैं, तो केवल स्नैपड्रैगन 730G से लेकर स्नैपड्रैगन 865 तक के प्रोसेसर वाले फोन खरीदने की कोशिश करें। क्योंकि शानदार गेमिंग अनुभव के अलावा आपको वीडियो स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन एडिटिंग में भी बहुत अच्छा अनुभव मिलेगा।

कैमरा सबसे महत्वपूर्ण है

नया स्मार्टफोन खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला स्मार्टफोन कौन सा है? अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो बेहतर होगा कि आप बढ़िया कैमरा क्वालिटी वाले स्मार्टफोन देखें और बाजार में हर बजट में आपको कई विकल्प मिल जाएंगे। कैमरे के लिए, इसके मेगापिक्सेल नहीं, बल्कि इसमें उपयोग की जाने वाली सुविधाएँ जैसे कैमरा एपर्चर, आईएसओ स्तर, पिक्सेल आकार और ऑटोफोकस, आदि आवश्यक हैं।

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बैटरी को नजरअंदाज न करें

हम पूरे दिन स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं, कभी कॉलिंग के लिए और कभी मैसेजिंग के लिए। अब भी, घर से काम के इस युग में, स्मार्टफोन हाथ नहीं छोड़ता है। ऐसे में स्मार्टफोन खरीदते समय उसकी बैटरी पर ध्यान दें। एक बड़ी बैटरी क्षमता और फास्ट चार्जिंग समर्थन की कोशिश करें। ताकि बार-बार फोन चार्ज करने की समस्या से बचा जा सके।

7 प्रकार के SBI डेबिट कार्ड हैं, जानें कि आपके कार्ड में ATM की नकद सीमा कितनी है

7 प्रकार के SBI डेबिट कार्ड हैं, जानें कि आपके कार्ड में ATM की नकद सीमा कितनी है

News Desk: यदि आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक हैं और खरीदारी करने या ऑनलाइन लेनदेन करने के बाद डेबिट कार्ड के साथ नकद निकालने या भुगतान करने के लिए एटीएम का उपयोग करते हैं, तो आपको अपने डेबिट कार्ड के बारे में कुछ बातें पता होनी चाहिए।

आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक हैं और एटीएम का उपयोग नकद निकालने या खरीदारी करने या ऑनलाइन लेनदेन करने के बाद डेबिट कार्ड से भुगतान करने के लिए करते हैं, तो आपको अपने डेबिट कार्ड के बारे में कुछ बातें पता होनी चाहिए जो आपको पता होनी चाहिए। आपके पास जो डेबिट कार्ड है, वह एटीएम से कैश निकालने की सीमा है और आप इस कार्ड से कितनी खरीदारी कर सकते हैं।

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SBI वर्तमान में अपने ग्राहकों को 7 प्रकार के डेबिट कार्ड जारी करता है, जो नकद सीमा और भुगतान सीमा के अनुसार भिन्न होता है। हम आपको उन सभी डेबिट कार्ड के बारे में बताने जा रहे हैं।

एसबीआई डेबिट कार्ड और नकद, भुगतान सीमा

1. एसबीआई क्लासिक और मेस्ट्रो डेबिट कार्ड
  • ATM दैनिक नकद निकासी: 20,000
  • PoS / ऑनलाइन क्लीयरेंस: 50,000
2. एसबीआई ग्लोबल इंटरनेशनल डेबिट कार्ड
  • ATM एटीएम दैनिक नकद निकासी: 40,000
  • PoS / ऑनलाइन क्लीयरेंस: 75,000
3. एसबीआई गोल्ड इंटरनेशनल डेबिट कार्ड
  • ATM दैनिक नकद निकासी: 50,000
  • PoS / ऑनलाइन निकासी: 2,00,000
4. एसबीआई प्लेटिनम इंटरनेशनल डेबिट कार्ड
  • ATM दैनिक नकद निकासी: 1,00,000
  • PoS / ऑनलाइन निकासी: 2,00,000
5. sbiINTOUCH टैप और गो डेबिट कार्ड
  • ATM दैनिक नकद निकासी: 40,000
  • PoS / ऑनलाइन क्लीयरेंस: 75,000
6. एसबीआई मुंबई मेट्रो कॉम्बो कार्ड
  • ATM दैनिक नकद निकासी: 40,000
  • PoS / ऑनलाइन क्लीयरेंस: 75,000
7. SBI मेरा कार्ड अंतर्राष्ट्रीय डेबिट कार्ड
  • ATM दैनिक नकद निकासी: 40,000
  • PoS / ऑनलाइन क्लीयरेंस: 75,000

SBI अपने ग्राहकों को एक महीने में 8 एटीएम लेनदेन मुफ्त देता है, जिसके बाद यह आपसे शुल्क लेता है।

SBI ATM से कैश OTP सिस्टम से निकाला जाएगा

एसबीआई ने बढ़ते एटीएम धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) प्रणाली लागू की है। 10 हजार से अधिक कैश निकालने के बाद, आपके मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाता है। उस ओटीपी को दर्ज करने के बाद ही आप एटीएम से नकदी निकाल सकते हैं।
हालांकि, यह नियम 18 सितंबर से लागू हो गया है। इसलिए, यदि आप यह नहीं जानते हैं, तो आपको यह जानकारी भी रखनी चाहिए।

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आप Google Photo का उपयोग Free में नहीं कर पाएंगे, 2021 से नियम बदल जाएंगे

आप Google Photo का उपयोग Free में नहीं कर पाएंगे, 2021 से नियम बदल जाएंगे

Google ने सभी उपयोगकर्ताओं को एक ईमेल भेजा है जिसमें बताया गया है कि फ़ोटो ऐप में अपलोड की गई कोई भी तस्वीर उपयोगकर्ता के खाते के साथ प्रदान की गई 15GB की स्टोरेज स्पेस में गिनेगी।

अगर आप Google Photo में अपने फ़ोटो और वीडियो सहेजते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत खास हो सकती है क्योंकि अब आपको Google Photo के लिए भुगतान करना पड़ सकता है। कंपनी ने अपने सभी उपयोगकर्ताओं को एक ईमेल भेजा है, जिसमें कहा गया है कि फ़ोटो ऐप में अपलोड की गई कोई भी तस्वीर उपयोगकर्ता के खाते के साथ प्रदान की गई 15 जीबी स्टोरेज स्पेस में गिनेगी।

कंपनी ने अपने मेल में कहा है कि 1 जून, 2021 से, उच्च गुणवत्ता में सहेजे गए सभी नए फ़ोटो और वीडियो 15GB स्टोरेज स्पेस में गिने जाएंगे जो आपके द्वारा खरीदे गए Google खाते या अतिरिक्त स्टोरेज के साथ उपलब्ध हैं। कंपनी ने Google Photo के स्थान को उसी तर्ज पर गिनने का फ़ैसला किया है जो Google की अन्य सेवाओं Google ड्राइव और Gmail में है।

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1 जून, 2021 से पहले के फोटो नहीं गिने जाएंगे

इस निर्णय के साथ, Google ने यह भी कहा है कि 1 जून, 2021 से पहले अपलोड की गई तस्वीरों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा और उन्हें Google संग्रहण खाते में नहीं गिना जाएगा। कहा जा रहा है कि कंपनी ने यह फैसला अपनी पेड सर्विस को बढ़ाने के लिए लिया है जो कि गूगल वन के माध्यम से प्रदान की जाती है।

अपनी भंडारण क्षमता के बारे में जानकारी प्राप्त करें

कंपनी ने अपने ईमेल में कहा है कि हम इस फैसले को हल्के में नहीं ले रहे हैं और हम जानते हैं कि यह एक बड़ा बदलाव है, इसलिए आप इसके बारे में पहले से जानकारी देना चाहते हैं और इस बदलाव को पूरा करने में आपकी मदद करना चाहते हैं। । इसलिए, कंपनी ने एक उपकरण भी बनाया है जो आपको बताएगा कि आपने कितनी जगह का उपयोग किया है। यह उपकरण आपकी फ़ोटो, वीडियो और अन्य सामग्री के बैकअप के अनुसार जानकारी देगा।

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Google नए स्टोरेज मैनेजमेंट टूल को पेश करेगा

Google ने यह भी जानकारी दी है कि जून 2021 में, कंपनी एक नया स्टोरेज मैनेजमेंट टूल भी पेश करेगी, जो यूजर्स को डार्क, धुंधली और अनवीटेड सामग्री को हटाने में मदद करेगा। इसके अलावा, आप Google One की सेवा का उपयोग भी कर सकते हैं और अपनी आवश्यकता के अनुसार, आप स्थान ले सकते हैं और उसका भुगतान कर सकते हैं।