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CBSE 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, 14 लाख छात्रों को राहत, पीएम मोदी बोले- बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

CBSE 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, 14 लाख छात्रों को राहत, पीएम मोदी बोले- बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर किसी भी आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंबी बैठक को रद्द करने का फैसला किया है।

CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा का इंतजार कर रहे छात्रों का इंतजार अब खत्म हुआ है. दसवीं की तरह 12वीं की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लंबी बैठक के बाद इस पर फैसला लिया। इस फैसले से करीब 14 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिली है।

वहीं, बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. कोरोना के बीच बच्चों पर तनाव डालना ठीक नहीं है। पीएम ने कहा कि कोरोना काल के माहौल में बच्चों को तनाव देना उचित नहीं है. बच्चों को खतरे में नहीं डाला जा सकता। 12वीं कक्षा के परिणाम एक सुपरिभाषित वस्तुनिष्ठ मानदंड के तहत समयबद्ध तरीके से बनाए जाएंगे।

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कोरोना की दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर के खतरे के बीच देशभर से छात्रों और छात्रों में 12वीं की परीक्षा देने का डर बना हुआ है. इसी को लेकर सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय की ओर से आज CBSE  बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं की तारीख का ऐलान किया जाना था. लेकिन शिक्षा मंत्री की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इसके बाद पीएमओ की ओर से ऐलान किया गया कि बैठक के बाद परीक्षाओं पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फैसला लेंगे. अब प्रधानमंत्री ने ट्वीट के जरिए इस पर सभी शंकाओं का समाधान किया है।

बता दें कि 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर किसी आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है. 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है।

इस बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने CBSE 12वीं की परीक्षा को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर परीक्षा रद्द करने की मांग की थी. प्रियंका गांधी ही नहीं बल्कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई थी. अरविंद केजरीवाल ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है.

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गुरुवार तक SC में देना है जवाब

केंद्र सरकार ने 31 मई को सुप्रीम कोर्ट से परीक्षाओं पर फैसला लेने के लिए दो दिन का समय मांगा था. शिक्षा मंत्रालय को अपना अंतिम फैसला गुरुवार 03 जून तक कोर्ट को देना है। बता दें कि पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रियों की बैठक में सीबीएसई  बोर्ड ने परीक्षा आयोजित करने के लिए दो विकल्प सुझाए थे। पहला विकल्प सभी विषयों की परीक्षा घटे हुए परीक्षा पैटर्न पर आयोजित करना था, और दूसरा विकल्प केवल महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा आयोजित करना था। प्रधानमंत्री मोदी आज की बैठक में दोनों विकल्पों पर विचार करेंगे।

सीबीएसई बोर्ड ने पिछले सप्ताह हुई केंद्रीय मंत्रियों की बैठक में परीक्षा आयोजित करने के लिए दो विकल्प सुझाए थे। पहला विकल्प सभी विषयों की परीक्षा घटे हुए परीक्षा पैटर्न पर आयोजित करना था, और दूसरा विकल्प केवल महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा आयोजित करना था।

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